मुजफ्फरपुर के चकबासु से एक बार फिर आस्था, संकल्प और अद्भुत जज्बे के साथ माता कृष्णा बम बाबा बैद्यनाथ धाम के लिए रवाना हुई हैं। वर्ष 1982 से सावन में बाबा की यात्रा कर रहीं कृष्णा बम आज भी उसी उत्साह और विश्वास के साथ अपनी यात्रा जारी रखे हुए हैं। उम्र बढ़ती गई, रास्ते की मुश्किलें भी आईं, लेकिन बाबा के प्रति उनकी आस्था और संकल्प आज भी कमजोर नहीं हुआ।


हाल ही में नर्मदा से जल लेकर महाकालेश्वर में जल चढ़ाने के बाद मुजफ्फरपुर लौटीं और अब फिर बाबा धाम की ओर निकल पड़ी हैं। कृष्णा बम के इस जज्बे को देखकर लोग भी उनकी जमकर सराहना कर रहे हैं और इसे नई पीढ़ी के लिए आस्था, अनुशासन और संकल्प की प्रेरणादायक मिसाल बता रहे हैं। यात्रा पर निकलने से पहले वार्ड नंबर 38 के पूर्व पार्षद एवं पार्षद पति इकबाल कुरैशी समेत वार्ड के कई लोग उन्हें सम्मानित कर शुभकामनाएं देने पहुंचे।


इकबाल कुरैशी ने कहा कि यह हमारे लिए गर्व की बात है कि माता कृष्णा बम हमारे वार्ड नंबर 38 की निवासी हैं और उनका आवास भी इसी वार्ड में है। वर्षों से उनकी आस्था और भक्ति की यह यात्रा हमारे वार्ड के लिए गौरव की बात है। इस मौके पर कारगिल योद्धा एवं पूर्व वायुसेनिक डॉ. सादात खय्याम भी पहुंचे और माता कृष्णा बम को सकुशल यात्रा के लिए शुभकामनाएं दीं।


माता कृष्णा डाक बम को बाबा धाम में जलाभिषेक के लिए पुष्प और माला से सम्मानित कर सुल्तानगंज के लिए रवाना किया गया। इस अवसर पर मुख्य रूप से मुकेश कुमार, नंदकिशोर गुप्ता, रफत अली जिन्ना, मकसूद आलम, राजू मसीह, कलीम अहमद सहित कई लोग मौजूद रहे। कृष्णा बम ने इस बार बाबा से अपने लिए नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए प्रार्थना की है। उन्होंने कामना की कि भारत हमेशा दुनिया में अपना नाम रोशन करे, देशवासी मिल-जुलकर रहें और देश लगातार तरक्की करता रहे।

विदाई के दौरान गूंजा ‘भारत माता की जय’ का नारा इस पूरे माहौल को और खास बना गया। 1982 से जारी यह सफर सिर्फ एक यात्रा नहीं, बल्कि वर्षों से कायम आस्था और आज भी बरकरार उस जज्बे की कहानी है, जिसे देखकर हर कोई कह रहा है—उम्र भले बढ़ गई हो, लेकिन कृष्णा बम की भक्ति और हौसला आज भी जवान है।







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