ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार उपलब्ध कराने वाली प्रमुख योजना मनरेगा में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। केंद्र सरकार की ओर से अब मनरेगा की जगह गारंटी मिशन (ग्रामीण) लागू किया जाएगा। यह नई व्यवस्था 1 जुलाई 2026 से प्रभावी होगी। बिहार के मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश जारी कर इस बदलाव को समय पर लागू करने को कहा है।
नई योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाने के साथ-साथ लोगों की आजीविका को मजबूत करना और योजना की प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता लाना है। प्रशासन को निर्देश दिया गया है कि पुराने नियमों की जगह नई व्यवस्था के अनुसार काम शुरू किया जाए।
नई गारंटी मिशन योजना के तहत ग्रामीण परिवारों को पहले की तुलना में अधिक रोजगार देने का प्रावधान किया गया है। योजना के तहत पात्र लोगों को साल में 125 दिनों तक रोजगार उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।
ग्रामीण इलाकों में रहने वाले मजदूरों के लिए यह बदलाव काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सरकार का उद्देश्य है कि गांवों में रहने वाले लोगों को स्थानीय स्तर पर ही रोजगार मिले, जिससे उन्हें काम की तलाश में दूसरे स्थानों पर पलायन न करना पड़े।
नई योजना लागू होने के साथ ही मनरेगा के पुराने नियम समाप्त हो जाएंगे। अब रोजगार उपलब्ध कराने, काम की निगरानी और भुगतान से जुड़ी प्रक्रियाएं नए गारंटी मिशन के नियमों के अनुसार संचालित होंगी।
अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे पंचायत स्तर तक नई व्यवस्था की जानकारी पहुंचाएं और लोगों को योजना से जुड़ी प्रक्रिया के बारे में जागरूक करें।










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