बिहार : देश के नेताओं ने रेलवे स्टेशन जाना और ट्रेन चढ़ना कम कर दिया है, इसलिए रेलवे के यात्रियों की तकलीफों की ज्यादातर खबर उनको नहीं रह पाती है। आम तौर पर चार्टर्ड प्लेन, चॉपर और सामान्य फ्लाइट से चलने वाले मंत्री, सांसद और विधायक एयरपोर्ट से बाहर झांक नहीं पाते हैं। ऐसे माहौल में केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी नई दिल्ली से प्रयागराज रेलगाड़ी से चले गए।

बिहार के मुख्यमंत्री भी रह चुके मांझी खुद ट्रेन चढ़े तब उन्हें समझ आया कि बिहार के लोग किस दुर्दशा में दिल्ली से आते-जाते हैं। अब केंद्रीय मंत्री मांझी ने केंद्रीय बजट से पहले एक ट्वीट के जरिए केंद्र सरकार से मांग की है कि रेलवे दिल्ली से बिहार आने-जाने के लिए ट्रेन की संख्या बढ़ाए और साथ में जो ट्रेन चल रही हैं, उनमें जनरल कोच भी बढ़ाए।

मांझी ने अपने ट्वीट में पीएम नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री कार्यालय, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और रेल मंत्रालय को टैग किया है। उन्होंने लिखा- ‘आज दिल्ली से प्रयागराज की यात्रा के दौरान नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर महसूस हुआ कि नई दिल्ली से बिहार जाने वाली करीब 12–13 ट्रेनें, बिहार से आने-जाने वाले यात्रियों की भारी संख्या के मुकाबले अपर्याप्त हैं। जिस तरह हमारी NDA सरकार ने पिछले 10 सालों में रेल आधुनिकीकरण और आम जन की सुविधाओं के लिए ऐतिहासिक काम किए हैं, उसको ध्यान में रखकर अगर बिहार से दिल्ली आने-जाने वाले लाखों यात्रियों के लिए ट्रेनों और सामान्य (जनरल) बोगियों की संख्या को और बढ़ा दिया जाए तो सोने पे सुहागा हो जाएगा।’

दो दिन बाद वित्त मंत्री निर्मला सीतारामन मोदी सरकार का बजट पेश करेंगी। दिल्ली और बिहार के अलग-अलग शहरों के बीच इस समय लगभग डेढ़ से दो दर्जन डेली ट्रेन की सेवा है। सप्ताह में एक बार, दो बार या तीन बार चलने वाली सभी ट्रेनों को समेट लें तो यह संख्या करीब 5 दर्जन के आसपास है।

प्रवासी बिहारी दिल्ली-एनसीआर समेत सीमावर्ती हरियाणा और यूपी में भी बड़ी संख्या में रहते हैं। इस बीच, जीतनराम मांझी प्रयागराज पहुंच गए हैं और स्वागत के फोटो उन्होंने साझा किए हैं। ऐसा लगता है कि मांझी किसी सरकारी कार्यक्रम या बैठक में शामिल होने के लिए प्रयागराज गए हैं।








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