जहानाबाद : बिहार के जहानाबाद जिले में पुलिसवालों पर 24 घंटे के अंदर दूसरी बार बड़ा हमला हुआ है। गुरुवार की सुबह-सुबह जहानाबाद जिले में पुलिसकर्मियों पर हुए हमले में 6 पुलिसवाले जख्मी हो गए हैं। दरअसल घोसी थाना क्षेत्र के शेखपुरा नट टोली में उत्पाद विभाग की टीम पर हमला किया गया है। गुरूवार की अहले सुबह 5:00 बजे उत्पाद विभाग की टीम यहां छापामारी करने पहुंची थी।

लेकिन अचानक यहां असामाजिक तत्वों ने उत्पाद विभाग की टीम पर हमला बोल दिया। इस हमले में लगभग 6 पुलिसकर्मी चोटिल हो गए हैं। सभी घायलों को उपचार के लिए गया सदर अस्पताल में लाया गया है। घायलों में सिपाही संगम कुमार, विकास कुमार ,चंदन कुमार, संतोष कुमार, मनोज कुमार गुप्ता, अनीश कुमार, अजय कुमार शामिल हैं।

आपको बता दें कि इससे पहले बुधवार को भी जहानाबाद में पुलिस टीम पर हमला हुआ था। दरअसल पटना हाईकोर्ट के निर्देश पर रत्नी फरीदपुर प्रखंड के गुलाबगंज बाज़ार से अवैध कब्जा हटाने गई पुलिस पर पथराव किया गया था। इस दौरान करीब तीन घंटे तक गुलाबगंज बाजार रणक्षेत्र में तब्दील रहा। पत्थरबाजी की घटना में एक महिला सहित तीन सिपाही गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि छह पुलिसकर्मियों को भी हल्की चोटें आई थीं। लोगों ने पुलिस के तीन वाहनों को भी क्षतिग्रस्त कर दिया था। पुलिस ने 14 लोगों को हिरासत में लिया है।

यहां गुलाबगंज बाजार के कुछ लोगों ने गुलाबगंज पुल के नजदीक एक भूखंड को सरकारी बताते हुए उस पर दुकान बना लिया था। जबकि उसी भूखंड को मखदुमपुर प्रखंड के इक्किल निवासी अशोक शर्मा रैयती बता रहे हैं। उन्हेंने इस जमीन पर कब्जा दिलाने की मांग को लेकर जिला प्रशासन से गुहार लगाई थी। जिला प्रशासन से न्याय नहीं मिलने पर अशोक शर्मा उच्च न्यायालय की शरण में गए थे। उच्च न्यायालय में रिट याचिका दायर करने के बाद उनके पक्ष में फैसला हुआ था। हाईकोर्ट के आदेश का पालन नहीं होने पर अशोक शर्मा ने उच्च न्यायालय में एमजेसी दायर किया।

एमजेसी में उच्च न्यायालय ने जिला प्रशासन को अशोक शर्मा की ज़मीन से अवैध कब्जा हटाने का निर्देश दिया। जिसके आलोक में डीएम अनिल कुमार सिन्हा के द्वारा जिला परिवहन पदाधिकारी अविनाश कुमार को दंडाधिकारी नियुक्त करते हुए अवैध कब्जा हटाने का निर्देश दिया गया। बुधवार को जब जिला परिवहन पदाधिकारी थानाध्यक्ष के साथ अवैध कब्जा हटाने गए तो दूसरे पक्ष के लोग उग्र हो गए। उन लोगों ने जमकर रोड़ेबाजी की। सड़क पर टायर जलाकर विरोध प्रदर्शन किया। तीन घंटे तक दूसरे पक्ष के लोगों के द्वारा रुक रुक कर रोड़ेबाजी की जाती रही।








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