पटना: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस महीने में दूसरी बार कैबिनेट बैठक बुलाई है. यह बैठक आज 29 जनवरी 2026 को शाम 4:30 बजे पटना के देशरत्न मार्ग स्थित ‘संवाद’ कक्ष में होगी. आमतौर पर कैबिनेट बैठक मुख्यमंत्री सचिवालय के कैबिनेट हॉल में होती है, लेकिन इस बार स्थान बदलकर ‘संवाद’ में तय किया गया है. मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग की ओर से जारी पत्र में सभी कैबिनेट मंत्रियों, उपमुख्यमंत्रियों की मौजूदगी अनिवार्य बताई गई है. विभागीय अधिकारियों को अपनी तैयारियों के साथ उपस्थित रहने का निर्देश दिया गया है.

बैठक में बड़े फैसलों पर लग सकती है मुहर
इस बैठक का समय इसलिए खास है क्योंकि यह मुख्यमंत्री की समृद्धि यात्रा के दूसरे चरण के समापन के साथ ही हो रही है. समृद्धि यात्रा आज समाप्त हो रही है, जिसमें मुख्यमंत्री मिथिलांचल के जिलों मधुबनी, दरभंगा और समस्तीपुर में विकास योजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन कर रहे हैं. यात्रा से लौटने के बाद ही नीतीश कुमार बैठक की अध्यक्षता करेंगे. इससे पहले 13 जनवरी को हुई कैबिनेट बैठक में 41 एजेंडों पर मुहर लगी थी.
पिछली बैठक में क्या ता खास
13 जनवरी की बैठक में कृषि विभाग में 694 पदों पर बहाली, डेयरी मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग में 200 पदों की स्वीकृति और साइंस एंड टेक्नोलॉजी विभाग में 106 नए पदों के सृजन को मंजूरी मिली थी. इसके अलावा राज्य के 13 कारागारों में 9073 नए सीसीटीवी कैमरे लगाने पर 155 करोड़ 38 लाख रुपये से अधिक की स्वीकृति दी गई. मुंबई में बिहार भवन निर्माण के लिए 314 करोड़ रुपये की लागत पर फैसला हुआ, जिस पर कुछ विवाद भी उठे. बिहार विधानसभा के बजट सत्र को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए थे.

नजरें रोजगार और नौकरी पर
लोगों की नजर इस बैठक में रोजगार और नौकरी से जुड़े फैसलों पर टिकी है. बिहार सरकार ने 5 वर्षों में एक करोड़ नौकरियां देने का वादा किया है. पिछली बैठक में विभिन्न विभागों में बहाली के फैसले हुए थे, ऐसे में आज की बैठक में भी संविदा कर्मियों, सरकारी नौकरियों या विभागीय भर्तियों पर कोई बड़ा ऐलान होने की संभावना जताई जा रही है. समृद्धि यात्रा के दौरान घोषित योजनाओं पर भी मुहर लग सकती है.

समृद्धि यात्रा का समापन और विकास फोकस
समृद्धि यात्रा का दूसरा चरण मिथिलांचल क्षेत्र पर केंद्रित रहा, जहां करोड़ों रुपये की योजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण हुआ. दरभंगा में 138 करोड़ रुपये की 90 परियोजनाएं शुरू की गईं. यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री ने ‘ईज ऑफ लिविंग’ कार्यक्रम पर जोर दिया और जनता की शिकायतों का समाधान करने का निर्देश दिया. बैठक में इन घोषणाओं को औपचारिक मंजूरी मिलने की उम्मीद है.

राज्य विकास में कैबिनेट की भूमिका
नीतीश कुमार सरकार लगातार प्रशासनिक और नीतिगत फैसलों के माध्यम से विकास की गति बढ़ाने पर जोर दे रही है. इस महीने में दूसरी कैबिनेट बैठक राज्य की प्राथमिकताओं को दर्शाती है. पेंडिंग फाइलों पर निर्णय, विभागीय योजनाओं की मंजूरी और जनहित से जुड़े मुद्दों पर फोकस रह सकता है. बैठक के बाद जारी होने वाले फैसलों से बिहार के युवाओं और आम जनता को राहत मिलने की अपेक्षा है.
आगामी योजनाओं पर नजर
यह बैठक राज्य की आर्थिक और प्रशासनिक दिशा तय करने में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है. यदि रोजगार से जुड़े बड़े फैसले होते हैं तो यह सरकार के वादों की ओर एक कदम होगा. सभी विभाग अलर्ट मोड पर हैं और बड़े ऐलानों की तैयारी में जुटे हैं. बैठक के परिणामों पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं.







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