पटना: राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी की ओर से आयोजित की जाने वाली जेईई मेन जनवरी सत्र की परीक्षा 21 जनवरी से शुरू होकर 29 जनवरी तक चलेगी. एनटीए ने स्पष्ट किया है कि परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्र में प्रवेश परीक्षा शुरू होने से आधा घंटा पहले तक ही मिलेगा. तय समय के बाद किसी भी स्थिति में केंद्र के अंदर प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी, इसलिए छात्रों को समय का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी गई है.

दो शिफ्ट में होगी परीक्षा
जेईई मेन जनवरी सत्र की परीक्षा कई तिथियों में आयोजित की जाएगी. 21, 22, 23, 24 और 28 जनवरी को परीक्षा दो पालियों में होगी, जबकि 29 जनवरी को एक ही पाली में परीक्षा आयोजित की जाएगी. पहली पाली सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक होगी. 29 जनवरी को आयोजित होने वाली परीक्षा एक ही शिफ्ट में होगी. यह परीक्षा इंजीनियरिंग में दाखिले के लिए देश की सबसे अहम प्रवेश परीक्षाओं में मानी जाती है, जिसमें लाखों छात्र हिस्सा लेते हैं.

62 हजार से अधिक परीक्षार्थी शामिल
इस साल जेईई मेन जनवरी सत्र के लिए देशभर से 14.10 लाख से अधिक विद्यार्थियों ने पंजीकरण कराया है. इनमें बिहार से 62 हजार से ज्यादा परीक्षार्थी शामिल हैं. बिहार में इस बार 11 शहरों में परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां 32 से अधिक परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा आयोजित की जाएगी. पटना, गया, भागलपुर, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, पूर्णिया, आरा, समस्तीपुर, बिहारशरीफ और रोहतास जैसे शहरों में केंद्र निर्धारित किए गए हैं

परीक्षार्थियों के लिए सख्त दिशा-निर्देश
एनटीए ने परीक्षार्थियों के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं. परीक्षा केंद्र पर प्रवेश पत्र और वैध फोटो पहचान पत्र के बिना किसी भी परीक्षार्थी को अंदर जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी. प्रवेश पत्र पर दिए गए क्यूआर कोड को स्कैन कर परीक्षार्थी की पहचान सत्यापित की जाएगी. इसके अलावा परीक्षा केंद्र में प्रवेश के समय बायोमेट्रिक जांच की जाएगी, जिसमें अंगूठे का निशान और फोटो शामिल है. इसके लिए छात्रों को सेल्फ डिक्लेरेशन फॉर्म भी भरना होगा, जिसे परीक्षा समाप्त होने के बाद निर्धारित स्थान पर जमा करना अनिवार्य होगा.

पहनावे को लेकर भी गाइडलाइन
परीक्षा के दौरान छात्रों के पहनावे को लेकर भी स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं. मोटे सोल वाले जूते और बड़े बटन वाले कपड़े पहनकर आने की अनुमति नहीं होगी. ऐसे कपड़े पहनने पर परीक्षार्थियों को केंद्र में प्रवेश से रोका जा सकता है. एनटीए ने कहा है कि परीक्षा के दौरान किसी भी तरह की नकल या अनुचित साधनों का प्रयोग करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी और ऐसे छात्रों की ओएमआर शीट या रिस्पांस शीट चेक नहीं की जाएगी.
यह वस्तुएं हैं वर्जित
परीक्षा केंद्र के अंदर ले जाने वाली वस्तुओं को लेकर भी दिशा-निर्देश तय किए गए हैं. परीक्षार्थी केवल प्रवेश पत्र, एक वैध फोटो पहचान पत्र, पारदर्शी पानी की बोतल, आवेदन पत्र में अपलोड किया गया फोटो और सेल्फ डिक्लेरेशन फॉर्म ही अपने साथ ले जा सकते हैं. मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच, ब्लूटूथ डिवाइस, कैलकुलेटर, नोट्स या किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक गैजेट पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगे. इन नियमों का उल्लंघन करने पर परीक्षा से बाहर भी किया जा सकता है. परीक्षा पूरी होने के बाद परीक्षार्थियों को प्रवेश पत्र और सेल्फ डिक्लेरेशन फॉर्म परीक्षा केंद्र पर ही निर्धारित स्थान पर जमा करना होगा. दिव्यांग छात्रों के लिए विशेष व्यवस्था की गई है और उन्हें एक घंटे का अतिरिक्त समय दिया जाएगा, ताकि वे बिना किसी दबाव के परीक्षा दे सकें.

तीन दिन पहले जारी होगा एडमिट कार्ड
एनटीए की ओर से स्पष्ट किया गया है कि 21 से 24 जनवरी की परीक्षाओं के लिए प्रवेश पत्र पहले ही जारी कर दिए गए हैं, जबकि 28 और 29 जनवरी को होने वाली परीक्षाओं के प्रवेश पत्र परीक्षा से तीन दिन पहले जारी किए जाएंगे. परीक्षा एजेंसी ने छात्रों से अपील की है कि वे किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक वेबसाइट पर दी गई जानकारी पर ही भरोसा करें.
इंजीनियरिंग में एडमिशन के लिए रास्ता
एनटीए का कहना है कि जेईई मेन जैसी बड़ी परीक्षा में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है. इसके लिए तकनीकी और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर कड़े इंतजाम किए गए हैं. छात्रों से भी अपील की गई है कि वे परीक्षा केंद्र समय से पहले पहुंचें, सभी दिशा-निर्देशों का पालन करें और शांत मन से परीक्षा दें. जेईई मेन का परिणाम आगे चलकर आईआईटी, एनआईटी, आईआईआईटी और अन्य प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग संस्थानों में दाखिले का रास्ता तय करता है. इसलिए यह परीक्षा छात्रों के भविष्य के लिए बेहद अहम मानी जाती है.










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