दरभंगा : बिहार के दरभंगा जिले में स्कूल वैन से गिरकर एक मासूम छात्र की मौत ने सभी को झकझोर दिया है. यह हादसा सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि स्कूल प्रबंधन और डग्गामार वाहन व्यवस्था की बड़ी लापरवाही की ओर इशारा करता है. घटना के बाद इलाके में आक्रोश है और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग तेज हो गई है.
लोआम गांव के पास हादसा
घटना लोआम गांव स्थित अमन एकेडमी स्कूल की वैन से जुड़ी है. स्कूल से करीब छह छात्रों को लेकर वैन घर लौट रही थी. इसी दौरान एनएच-27 पर सीता पेट्रोल पंप के पास हादसा हो गया. बच्चा चलती वैन से गिरकर घायल हुआ और फिर मौत हो गई.

टूटे गेट से बाहर गिरा छात्र
बताया जाता है कि मोड़ पर टर्न लेते समय वैन का गेट खुला हुआ था. टूटे गेट के कारण एक छात्र वैन से बाहर गिर गया. गिरते ही सिर में गंभीर चोट लगने से छात्र की मौके पर ही मौत हो गई.
मृत छात्र की पहचान
मृत छात्र की पहचान मो. चमन के पुत्र मो. समर के रूप में हुई है. वह अमन एकेडमी स्कूल में कक्षा तीसरी का छात्र था. हादसे में एक अन्य छात्र भी घायल हुआ है, जिसका इलाज निजी अस्पताल में चल रहा है.

घटना के बाद चालक फरार
हादसे के तुरंत बाद वैन चालक वाहन छोड़कर फरार हो गया. स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए अन्य बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला. ग्रामीणों ने बच्चों को बाइक से उनके घर तक पहुंचाया.
स्कूल प्रबंधन पर भड़के ग्रामीण
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने स्कूल प्रबंधन से संपर्क करने की कोशिश की. बार-बार फोन करने के बावजूद स्कूल की ओर से कोई जवाब नहीं मिला. इसके बाद आक्रोशित ग्रामीण स्कूल पहुंच गए और जमकर हंगामा किया.

परिजनों का गंभीर आरोप
मृतक बच्चे के मामा एमडी नाज ने स्कूल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि स्कूल की सभी गाड़ियों की हालत दयनीय है. आये दिन हादसे होते रहते हैं, लेकिन प्रबंधन कोई ध्यान नहीं देता.
सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची
घटना की सूचना मिलते ही सदर थाना दरभंगा की पुलिस मौके पर पहुंची और जांच अभी भी चल रही है. पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित किया और शव को कब्जे में लिया. मामले की जांच शुरू कर दी गई है.

लापरवाही पर उठते सवाल
ये हमारे और आपके बच्चों से जुड़ा सवाल है. जिसे आप स्कूल भेजते हैं उसका फ्यूचर बनाने के लिए न कि बिगाड़ने के लिए. भला इस बच्चे की क्या गलती थी जो असमय हम सबके बीच से अलविदा हो गया. स्कूल प्रबंधन और सरकार को समय समय पर स्कूल वैन की नियमित जांच की जानी चाहिए.
लापरवाही की स्कूल वैन
टूटे गेट और खराब हालत वाली वैन को बच्चों के लिए किसने चलाने की अनुमति दी. स्कूल प्रबंधन ने बिना जांचे-परखे ही स्कूल वैन को कैसे बच्चों को लाने के लिए भेज दिया. ऊपर से चालक की जिम्मेदारी बनती थी कि वो जख्मी बच्चों को अस्पताल तक पहुंचाए लेकिन उसकी फरारी ने एक अलग ही मुद्दा छेड़ दिया है.

परिजनों ने की कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों ने स्कूल प्रबंधन और फरार चालक पर सख्त कार्रवाई की मांग की है. लोगों का कहना है कि अगर समय रहते जांच और कार्रवाई नहीं हुई, तो ऐसे हादसे दोहराते रहेंगे. अब देखना यह है कि प्रशासन इस मामले में कितनी सख्ती दिखाता है.











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