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चालान को किया नजरअंदाज तो पड़ेगी भारी क़ीमत: पंजीकरण प्रमाणपत्र कैंसिल व लाइसेंस भी हो सकता है सस्पेंड

बिहार : अगर आप भी ट्रैफिक चालान को हल्के में लेकर बाद में देख लेंगे की सोच रखते हैं, तो अब सतर्क हो जाइए। केंद्र सरकार मोटर व्हीकल नियमों में बड़े और सख्त बदलाव की तैयारी में है। नए प्रस्तावित नियमों के तहत चालान न भरने पर वाहन की पंजीकरण प्रमाणपत्र) कैंसिल और ड्राइविंग लाइसेंस सस्पेंड किया जा सकता है। सड़क परिवहन मंत्रालय ने इसका ड्राफ्ट नोटिफिकेशन तैयार कर लिया है, जिस पर राज्यों से सुझाव मांगे जा रहे हैं।

सबसे सख्त प्रावधान बकाया चालान वालों के लिए है। ऐसे मामलों में RTO से जुड़ी सभी सेवाएं बंद कर दी जाएंगी। वाहन और ड्राइविंग लाइसेंस को ‘नॉट टू बी ट्रांजैक्टेड’ मार्क कर दिया जाएगा। यानी RC रिन्यू नहीं होगी, लाइसेंस अपडेट या रिन्यू नहीं होगा, एड्रेस चेंज, ट्रांसफर जैसी कोई सुविधा नहीं मिलेगी जब तक चालान क्लियर नहीं होता।

रीपीट ट्रैफिक ऑफेंडर्स के लिए नियम और भी कठोर हैं। 3 महीने तक चालान न भरने पर लाइसेंस सस्पेंड हो सकता है। अगर एक साल में 3 से ज्यादा बार रेड लाइट जंप या खतरनाक ड्राइविंग के कारण चालान कटता है, तो कम से कम 3 महीने के लिए लाइसेंस जब्त किया जा सकता है। सरकार का मकसद साफ है बार-बार नियम तोड़ने वालों पर सख्त लगाम।
आंकड़े भी सरकार की चिंता बढ़ा रहे हैं। देशभर में केवल 40% चालान की ही वसूली हो पाती है। दिल्ली में सिर्फ 14%, कर्नाटक में 24%, तमिलनाडु और यूपी में 27% रिकवरी होती है। 2021 में 67 लाख चालान कटे थे, जो 2024 में बढ़कर 1.36 करोड़ हो गए, लेकिन वसूली महज 105 करोड़ रुपये रही।

हालांकि, सरकार ने यह भी साफ किया है कि गलत चालान को चुनौती देने का पूरा अधिकार मिलेगा। पोर्टल पर दस्तावेजों के साथ आपत्ति दर्ज की जा सकेगी। अगर तय अथॉरिटी 30 दिन में फैसला नहीं करती, तो चालान अपने आप अमान्य  हो जाएगा।

कुल मिलाकर, सरकार अब स्वैच्छिक पालन से आगे बढ़कर जबरन जवाबदेही लागू करने के मूड में है। संदेश साफ है चालान को नजरअंदाज किया, तो सड़क पर ही नहीं, सिस्टम में भी गाड़ी फंस जाएगी।

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