मुजफ्फरपुर : बिहार में कड़ाके की ठंड के बीच बुजर्गों के लिए एक नई मुसीबत खड़ी हो गई है। बुजुर्ग अपने जिंदा होने का सबूत दे रहे हैं। दफ्तरों का चक्कर काट रहे हैं ताकि उनका पेंशन शुरु हो सके। दरअसल, मामला मुजफ्फरपुर जिले के कुढ़नी प्रखंड अंतर्गत हरपुर बलरा पंचायत का है। जहां सरकारी विभाग की घोर लापरवाही सामने आई है।

जानकारी अनुसार यहां कई जिंदा लोगों को सरकारी रिकॉर्ड में मृत घोषित कर उनकी वृद्धा पेंशन बंद कर दी गई। पेंशन रुकने के बाद बुजुर्गों को कड़ाके की ठंड में विभाग के चक्कर काटने पड़ रहे हैं और उन्हें अपने ही जिंदा होने का सबूत अधिकारियों को देना पड़ रहा है।

बताया जा रहा है कि पंचायत में सरकारी कर्मचारियों की लापरवाही के कारण कई लाभार्थियों के नाम मृतकों की सूची में दर्ज कर दिए गए, जिसके चलते उनकी वृद्धा पेंशन रोक दी गई।

इससे प्रभावित बुजुर्गों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन अब तक उनकी सुनवाई नहीं हो सकी है। हरपुर बलरा पंचायत निवासी चंदेश्वर राय ने बताया कि ठंड के कारण वह दो महीने बाद वृद्धा पेंशन लेने बैंक पहुंचे थे। बैंक में उन्हें जानकारी मिली कि उनके खाते में पेंशन की राशि नहीं आई है और विभागीय रिकॉर्ड में उन्हें मृत घोषित कर दिया गया है। यह सुनकर उनके होश उड़ गए।

इसके बाद से वह अपने जिंदा होने का प्रमाण लेकर विभाग और पंचायत कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं। चंदेश्वर राय का कहना है कि पंचायत में उनके अलावा भी कई ऐसे बुजुर्ग हैं, जिन्हें मृत बताकर उनकी वृद्धा पेंशन बंद कर दी गई है। उन्होंने इसे विभाग की घोर लापरवाही बताते हुए मामले की जांच और जल्द पेंशन बहाल करने की मांग की है।














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