पूर्णिया: बिहार के सीमांचल क्षेत्र के लिए यह सिर्फ एक उपलब्धि नहीं, बल्कि विकास की नई इबारत है। पूर्णिया एयरपोर्ट ने महज 88 दिनों में 50 हजार यात्रियों को सेवा देकर रिकॉर्ड कायम कर दिया है। इस मामले में उसने दरभंगा हवाई अड्डे को भी पीछे छोड़ दिया है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) ने पूर्णिया एयरपोर्ट परिसर में जश्न मनाया और केक काटकर खुशी जाहिर की।

एयरपोर्ट के निदेशक डीपी गुप्ता ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि पूर्णिया हवाई अड्डा शुरू होने के बाद से अब तक 50,000 से अधिक यात्रियों को सफलतापूर्वक सेवाएं प्रदान कर चुका है। उन्होंने इसे बिहार के सीमांचल क्षेत्र के लिए वायु संपर्कता में मील का पत्थर बताया। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 सितंबर 2025 को पूर्णिया एयरपोर्ट के टर्मिनल भवन का उद्घाटन किया था।

हवाई यात्रा की बढ़ती मांग ने एयरपोर्ट के यात्री यातायात में अभूतपूर्व वृद्धि दिखाई है। सितंबर 2025 में जहां यात्रियों की संख्या महज 2,718 थी, वहीं नवंबर तक यह आंकड़ा 32 हजार से अधिक पहुंच गया। 12 दिसंबर तक कुल 54,037 यात्रियों का आवागमन दर्ज किया गया, जिनमें 26,695 आगमन और 26,581 प्रस्थान शामिल हैं। अब तक कुल 592 विमानों का संचालन हुआ है, जिसमें बराबर संख्या में आगमन और प्रस्थान शामिल है।

शुरुआत में 300 यात्रियों की क्षमता वाले अंतरिम टर्मिनल से स्टार एयर और इंडिगो ने अहमदाबाद और कोलकाता के लिए उड़ानें शुरू की थीं। बढ़ती मांग को देखते हुए उड़ानों को प्रतिदिन कर दिया गया और नई दिल्ली व हैदराबाद के लिए नए रूट जोड़े गए। फिलहाल यहां से प्रतिदिन 10 उड़ानों का संचालन हो रहा है।

भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए एयरपोर्ट के विस्तार कार्य पर भी तेजी से काम चल रहा है। ए-320 और एटीआर विमानों के लिए पांच पार्किंग वाले एप्रन का निर्माण किया जा रहा है। इसके साथ ही 30,000 वर्ग मीटर का नया अत्याधुनिक टर्मिनल भवन बनाया जाएगा, जिसमें एयरोब्रिज और आधुनिक यात्री सुविधाएं होंगी।

कुल मिलाकर, पूर्णिया एयरपोर्ट की यह सफलता न सिर्फ सीमांचल की तस्वीर बदल रही है, बल्कि बिहार को हवाई नक्शे पर और मजबूत पहचान दिला रही है।











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