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चुनाव नहीं लड़ा, फिर भी मंत्री बन गए.. जानिए कौन हैं दीपक प्रकाश?

पटना : नीतीश मंत्रिमंडल में शपथ लेने वाले एक नाम की चर्चा आज जोरों पर है, वह नाम है दीपक प्रकाश का. वैसे तो हमेशा से लोग कहते हैं कि परिवारवाद की राजनीति नहीं होनी चाहिए. पर बिहार की सच्चाई यह है कि यहां परिवारवाद हर जह आपको दिखाई पड़ जाएगा.

दीपक प्रकाश बने मंत्री

जब दीपक प्रकाश अचानक जींस पैंट पहनकर अचानक मंत्री पद की शपथ लेने पहुंचे तो हर कोई आश्चर्य चकित हो गया. बात उठने लगी कि आखिर ये दीपक प्रकाश कौन हैं. किसी पार्टी से तो विधायक चुनकर नहीं आए हैं फिर मंत्री कैसे बन रहे हैं?

DEEPAK PRAKASH

उपेन्द्र कुशवाहा के पुत्र हैं दीपक

बाद में माजरा समझ में आया, दीपक प्रकाश राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) के प्रमुख उपेन्द्र कुशवाहा के बेटे हैं. दीपक प्रकाश का जन्म 22 अक्टूबर 1989 को हुआ था. मतलब वह 37 साल के युवा राजनेता हैं. साल 2005 में दसवीं और 2007 में 12वीं उत्तीर्ण करने के बाद इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने चले गए.

पिता के साथ राजनीति में जुड़े

एमआईटी, मणिपाल से उन्होंने कंप्यूटर साइंस (CS) में बीटेक किया. 2011 से 2013 तक सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में काम भी किया. इसके बाद स्वरोजगार से जुड़े फिर पिता के साथ राजनीति का गुर सीखने पहुंच गए.

दीपक प्रकाश 2019-20 से अपने पिता के संगठनात्मक और राजनीतिक कार्यों में हिस्सा लेने लगे. धीरे-धीर वह राजनीतिक दायरे में सक्रिय हो गए. दीपक प्रकाश विरासत की राजनीति को ही आगे बढ़े रहे हैं. पिता जहां पहचान के मोहताज नहीं हैं, वहीं मां स्नेहलता सासाराम से विधायक हैं.

राजनीति में अचानक से एंट्री पर क्या बोले?

अचानक से मंत्री पद मिलने पर उपेन्द्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश ने कहा कि, ”मंत्री पद मिला है, लेकिन राजनीति में नया नहीं हूं. पिताजी को बचपन से काम करते देख रहा हूं. खुद भी 4-5 सालों से पार्टी के काम में सक्रिय रहा हूं.”

जींस पैंट में शपथ लेने पहुंचे थे

जींस पैंट में शपथ लेने क्यों पहुंचे, जबकी बाकी कुर्ता और बंडी में थे? इस सवाल पर उन्होंने कहा कि, राजनीति को जितना आम लोगों के नजरिए से देखिएगा तो सबकुछ आसान हो जाता है. लोकतंत्र मजबूत होता है. मैं जिसमें कंफर्टेबल था, उसी में जाकर शपथ लिया.

स्नेहलता कुशवाहा का नाम चर्चा में था

आपके परिवार से आपका नाम कैसे सामने आया, जबकि आपकी माताजी स्नेहलता कुशवाहा का नाम चर्चा में था? इस सवाल पर दीपक प्रकाश ने कहा कि, मेरे पिता उपेन्द्र कुशवाहा की पार्टी नेताओं के साथ बैठक हुई. उसके बाद मुझे पता चला, मैं भी सरप्राईज था.

RLM को मिलेगा विधान परिषद् की सीट

अगले 6 महीने के अंदर दीपक प्रकाश को विधानसभा या विधान परिषद का सदस्य बनना होगा. ऐसे में कहा जा रहा है कि वह विधान पार्षद बनेंगे. वैसे भी इस चुनाव में आरएलएम को 4 सीटें मिली है. बिहार में विधानसभा की सीटों की संख्या 243 और विधान पार्षद की संख्या 75 है. ऐसे में एक सीट आरएलएम के खाते में जाते दिख रहा है.

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