पटना : बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजे के बाद से कयासों का बाजार गर्म है. कई नेता कहने लगे हैं कि पार्टियों में टूट होगी. इसी बीच पूर्व केन्द्रीय मंत्री व राष्ट्रीय लोक मोर्चा के प्रमुख उपेन्द्र कुशवाहा ने बड़ा बयान दिया है.
‘विधायक अगर इधर-उधर सोच रहे हैं’
उपेन्द्र कुशवाहा ने कहा कि, उनके (RJD) यहां जो दुर्गति हुई है, उस दुर्गति के रहते हुए कौन उनके साथ रहना चाहेगा. ऐसे में स्वभाविक है कि उनकी पार्टी के विधायक अगर इधर-उधर सोच रहे हैं तो इसमें गुरेज क्या है?
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‘न परिवार संभाल पाये, न पार्टी’
विपक्ष के नेता लगातार ईवीएम पर सवाल उठा रहे हैं. इसपर एनडीए के नेताओं ने पलटवार किया है. बांकीपुर क्षेत्र से बीजेपी के विजयी उम्मीदवार नितिन नवीन ने तेजस्वी यादव के बयान पर कटाक्ष किया. कहा जो न परिवार को संभाल पाये, न पार्टी को संभाल पाये, कब तक चुनाव आयोग पर हार का रोना रोएंगे.
केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने कहा कि विपक्ष को जनादेश स्वीकार करना चाहिए. विपक्ष के नेता अपनी गलतियों की बात नहीं करते हैं. वे EVM और अन्य चीजों पर दोष डालते हैं. यह सब बहानेबाजी है, इसका कोई मतलब नहीं है. 202 सीटें NDA को मिली हैं. विपक्ष के लोग कभी SIR की बात करते हैं तो कभी कुछ और बोलते हैं.

‘हम विकास की राजनीति में विश्वास करते हैं’
जेडीयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा कि अब उन्हें (तेजस्वी यादव) EVM में गड़बड़ी दिखेगी. एक हफ्ते बाद वे दावा करेंगे कि उनका वोट शेयर इतना बढ़ गया है, जबकि उनकी सीटें कम हो गई हैं. यकीन मानिए, जनता ऐसी घटिया राजनीति पर भरोसा नहीं कर सकती. वे विकास की राजनीति में विश्वास करते हैं. हमने आपके गांव और आपके क्षेत्र का विकास किया है. वह बुजुर्गों का अपमान करते हैं. यह तेजस्वी यादव की राजनीतिक शैली है.

2025 विधानसभा का रिजल्ट
दरअसल, बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए की लैंडस्लाइड विक्ट्री हुई है. जहां उसे 202 सीटें मिली है वहीं विपक्ष के कई नेता हार गए हैं. 2020 के चुनाव में आरजेडी सबसे बड़ी पार्टी थी, 2025 में वह तीसरे स्थान पर पहुंच गई.










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