बिहार को पोर्टेबल हॉस्पिटल भीष्म क्यूब मिल गया है. बिहार में अब आपदा के वक्त मरीजों के पास सिर्फ एंबुलेंस नहीं बल्कि सीधा हॉस्पिटल ही पहुंचेगा. यह एक खास क्यूब है, जिससे 20 मिनट में अस्पताल और 12 मिनट में कहीं भी ऑपरेशन थियेटर को तैयार किया जा सकेगा.

भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय की ओर से दुनिया का पहला पोर्टेबल अस्पताल तैयार किया गया है. इसे पहली बार अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के दौरान प्रदर्शित किया गया था.



भीष्म क्यूब एक ट्रॉमा केयर सेंटर की तरह काम करता है. सुदूर इलाके में परेशानी होने के कारण इसे वहां भेजा जा सकेगा. इसे पहाड़ी, ग्रामीण और सीमावर्ती इलाकों में तुरंत तैनात किया जा सकता है.



इतना ही नहीं, हर रोज 10-15 सर्जरी किया जा सकता है. वहीं, भारत सरकार की ओर से देश के सभी एम्स को एक एक यूनिट दी गई है. ऐसे में पटना एम्स को भी एक यूनिट मिला है. बिहार के सुदूर इलाके के लोगों के लिए यह लाभदायक माना जा रहा है.























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