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अब तुरंत पाएं मेडिकल और पोस्टमार्टम रिपोर्ट, इस सॉफ्टवेयर से बदलेगी तस्वीर

पटना :  अब राज्य के अस्पतालों से मेडिकल तथा पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने में देरी नहीं होगी। अक्टूबर के अंत तक राज्य में ये दोनों ही रिपोर्ट रियल टाइम में उपलब्ध हो जाएगी। इसके लिए एनआईसी हरियाणा की ओर से विकसित मेडलिया पीआर (मेडिको-लीगल रिपोर्ट और पोस्टमार्टम रिपोर्ट) सॉफ्टवेयर का उपयोग किया जाएगा। बिहार सहित देश में भी इस तरह की व्यवस्था लागू होनी है। इसके लागू होने से संबंधित व्यक्ति को चिकित्सा से जुड़ी क्षतिपूर्ति सहित इससे जुड़ी अन्य बीमा मिलने में देरी नहीं होगी। मेडिकल और पोस्टमार्टम रिपोर्ट समय से मिलेगी, तो लोगों को न्याय मिलने में भी देर नहीं होगी।

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स्वास्थ्य विभाग ने इसे जल्द ही लागू करने के लिए राज्य स्तर के साथ ही जिला स्तर पर नोडल अधिकारी तय कर दिया है। राज्य स्तर पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी इसके नोडल हैं, जबकि जिलों में सिविल सर्जन को नोडल अधिकारी की जिम्मेदारी दी गई है। पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और मध्य प्रदेश में यह व्यवस्था कई वर्षों से लागू है। मेडलिया पीआर पर राज्य के सभी अस्पताल और चिकित्सक निबंधित होंगे।

 

पोर्टल पर मेडिकल और पोस्टमार्टम रिपोर्ट अपलोड होते ही न्यायालय में न्यायाधीश भी रिपोर्ट देख लेंगे। रिपोर्ट के साथ घटना की तस्वीर और चिह्न भी स्पष्ट दिखेगा। चोट या जख्म के निशान चित्र के माध्यम से दर्शाए जाएंगे, ताकि आसानी से पता चल जाएगा कि जख्म कितना गहरा है या सामान्य है। राज्य में अब तक सभी मेडिकल कॉलेज अस्पताल और जिला अस्पताल सहित लगभग 425 विभिन्न अस्पताल और 800 चिकित्सक मेडलिया पीआर सॉफ्टवेयर पर निबंधित हो चुके हैं।

ट्रायल के तौर पर मेडिकल और पोस्टमार्टम रिपोर्ट अपलोड करने का डेमो शुरू कर दिया गया है। अभी तक विभिन्न जिलों से लगभग 200 डेमो केस दर्ज कराए गए हैं। क्राइम एंड क्रीमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क सिस्टम) और मेडलिया पीआर दोनों सॉफ्टवेयर एक दूसरे से जुड़ेंगे। सूचना रियल टाइम अपलोड होने से पुलिस को भी आसानी होगी। यह वेब आधारित रिपोर्टिंग सिस्टम है। इसमें मेडिकल लीगल रिपोर्ट (एमएलआर) और पोस्टमार्टम रिपोर्ट (पीएमआर) दर्ज होंगे। इस सॉफ्टवेयर पर अस्पताल से डॉक्टर मेडिकल और पोस्टमार्टम रिपोर्ट समय पर अपलोड कर देंगे। इस पर दर्ज रिपोर्ट कहीं भी दिख जाएगी।

 

  • अस्पतालों में और बेहतर इलाज कराने में मदद मिलेगी
  • मेडिकल बीमा का लाभ जल्द और आसानी से मिल सकेगा
  • न्यायिक प्रक्रिया में देर नहीं होगी
  • कार्य में पारदर्शिता होगी
  • मेडिकल रिपोर्ट के साथ किसी तरह की छेड़छाड़ रुकेगी
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