मुजफ्फरपुर में लीचीपुरम सांस्कृतिक पुनर्जागरण अभियान के तहत अब लीची की पहचान को वैक्स आर्ट के जरिए नया स्वरूप दिया जा रहा है। अभियान के संस्थापक एवं पर्यावरणविद् सुरेश गुप्ता की प्रेरणा से वैक्स आर्टिस्ट मानसी श्रीवास्तव, सैम और ज्योति श्रीवास्तव ने लीची की आकृति पर आधारित आकर्षक वैक्स उत्पाद तैयार किए हैं। इनमें लीची पॉट, बीयर ड्रिंक कप, टी कप, बास्केट, पॉजिटिव वाइब कैंडल और सुगंधित वैक्स ब्रिक्स शामिल हैं, जिन्हें सजावट और उपहार के साथ-साथ स्थानीय कला और मुजफ्फरपुर की सांस्कृतिक पहचान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बनाया गया है।


सुरेश गुप्ता ने बताया कि लीची के पेड़ों की लगातार कटाई से शहर की पहचान, पर्यावरण और रोजगार पर असर पड़ा है, इसलिए इस अभियान के माध्यम से लीची को केवल एक फल नहीं बल्कि सांस्कृतिक प्रतीक के रूप में स्थापित करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अभियान के तहत पहले ही कपड़ों, कैनवस, लीची की अनुपयोगी लकड़ी, मेहंदी, लहठी, छाते, क्रोशिया, सुजनी, चिकनकारी और अन्य हस्तशिल्पों में लीचीपुरम आर्ट विकसित की जा चुकी है, जबकि अब वैक्स आर्ट से जुड़े कलाकारों को भी नए अवसर दिए जा रहे हैं। भविष्य में वैक्स आर्ट के माध्यम से मानव आकृतियां बनाने की भी योजना है। अभियान का उद्देश्य स्थानीय कला को वैश्विक पहचान दिलाना है और “Local Pride, Global Ride” के मंत्र के साथ लोगों तक “मीठा मुस्कुराइए” का संदेश पहुंचाया जा रहा है।










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