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‘हमें हमारा बेटा लौटा दो..’ ला’पता मनीष के श’व को लेकर पुलिस थ्योरी पर मां-बाप को यकीन नहीं

मुजफ्फरपुर: बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के सकरा थाना क्षेत्र के रामपुर कृष्ण गांव से 15 जनवरी को लापता हुए मनीष कुमार के शव को लेकर बवाल शुरू हो गया है. पुलिस प्रशासन का कहना है कि अज्ञात शव के आधार पर उसका दाह संस्कार कर दिया गया है, जबकि परिजन शव की मांग पर अड़े हैं. इसको लेकर स्थानीय लोगों ने जमकर हंगामा किया.

Youth missing in Muzaffarpur

दवा लेने निकला, फिर नहीं लौटा

मनीष 15 जनवरी को अपनी मां की दवाई लेने घर से निकला था लेकिन इसके बाद वह वापस नहीं लौटा. परिजनों के अनुसार उसी रात करीब 10:30 बजे मनीष ने मोबाइल पर आखिरी बार बात करते हुए कहा था कि वह बस दस मिनट में पहुंच रहा है. इसके बाद उसका फोन बंद हो गया.

पुलिस के रवैये से परिजनों में नाराजगी

परिजनों ने पहले अपने स्तर से खोजबीन की लेकिन जब कोई सुराग नहीं मिला तो 17 जनवरी को सकरा थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई. शिकायत के पांच दिन बाद भी कोई ठोस जानकारी नहीं मिलने पर परिजनों और ग्रामीणों में पुलिस की कार्यशैली को लेकर नाराजगी बढ़ती गई.

अज्ञात शव मनीष का था?

इसी बीच मनियारी थाना क्षेत्र में एक अज्ञात युवक का शव बरामद हुआ, जिसकी पहचान नहीं हो पाने के कारण करीब 72 घंटे तक अस्पताल में रखने के बाद अंतिम संस्कार कर दिया गया. बाद में परिजनों को यह जानकारी मिली कि पुलिस ने उन्हें लापता युवक के मृत होने और शव के दाह संस्कार की सूचना दी थी. इसके बाद आशंका जताई जाने लगी कि कहीं वह अज्ञात शव मनीष का तो नहीं था. इसी सवाल को लेकर परिजन और ग्रामीण लगातार जवाब मांग रहे हैं.

परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. माता-पिता ने प्रशासन से बेटे का शव लौटाने की मांग की है. पिता ने कहा, ‘हमें हमारा पुत्र लाश समेत चाहिए.’ वहीं, मां रो-रोकर सिर्फ इतना ही बोलती है कि हमें इंसाफ चाहिए.

शव के लिए सड़क पर संग्राम

स्पष्ट जानकारी नहीं मिलने से आक्रोशित ग्रामीणों ने मारकन चौक पर राष्ट्रीय राजमार्ग को जाम कर दिया. प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि यदि पुलिस ने शुरुआत से ही मामले को गंभीरता से लिया होता तो मनीष के लापता होने की गुत्थी समय रहते सुलझ सकती थी. घंटों तक चले जाम के कारण यातायात पूरी तरह बाधित रहा. वहीं, सूचना मिलने पर प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच का आश्वासन दिया, जिसके बाद जाम हटाया गया.

क्या बोले डीएसपी?

इस पूरे मामले पर डीएसपी मनोज कुमार सिंह ने बताया कि 15 जनवरी को एक युवक के अपहरण की सूचना मिली थी. 16 जनवरी को मनियारी थाना क्षेत्र में एक अज्ञात युवक का शव बरामद हुआ था, जिसकी पहचान नहीं हो पाई थी. नियमानुसार शव को 72 घंटे तक अस्पताल में रखा गया और पहचान नहीं होने पर अंतिम संस्कार किया गया. इस संबंध में सकरा थाने में प्राथमिकी दर्ज है. जिसके आधार पर जांच चल रही है.

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