पटना: क्या बिहार के नए गृहमंत्री भी योगी मॉडल लागू करेंगे?. यह सवाल इसलिए क्योंकि बिहार में नई सरकार के गठन लेते ही अवैध अतिक्रमण पर बुलडोजर एक्शन शुरू हो गया है. प्रदेश के कई जिलों में अवैध अतिक्रमण को बुलडोजर से ढहाया जा रहा है. सामान जब्त किए जा रहे है. जुर्माना वसूला जा रहा है. गृह मंत्री की कुर्सी संभालते ही सम्राट चौधरी ने साफ कहा था कि गृह विभाग नीतीश कुमार के सुशासन मॉडल को मजबूत करेगा, जहां अपराध पर जीरो टॉलरेंस है.
बुलडोजर कार्रवाई पर क्या बोले थे सम्राट चौधरी?
बिहार में गृहमंत्री का पद संभालते ही सम्राट चौधरी ने साफ कहा था कि, अपराधियों के घर पर बुलडोजर चलेगा, अतिक्रमणकारियों पर कार्रवाई की जाएगी. जहां उन्होंने अवैध कब्जा किया है, उस निर्माण को ढ़हाया जाएगा, गृह विभाग की ओर से कहा गया है कि ”बिहार में अब तक 400 माफिया की लिस्ट तैयार हैं. कोर्ट के आदेश के बाद कार्रवाई होगी.”

कैमूर में बुलडोजर एक्शन
बिहार के कैमूर में गुरुवार को नगर परिषद भभुआ द्वारा शहर में बड़े पैमाने पर अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया. यह अभियान एकता चौक से लेकर जिला जज आवास एवं बिजली कॉलोनी तक संचालित किया गया, जिसमें सड़क किनारे लगाए गए अस्थायी दुकानों और अतिक्रमणों को हटाया गया. कई दुकानदारों पर नियमों का उल्लंघन करने पर जुर्माना भी लगाया गया.


तेज प्रताप का सम्राट चौधरी पर निशाना
बिहार में बुलडोजर एक्शन बढ़़ा तो सियासी हंगामा भी खूब बरपा. तेज प्रताप यादव ने उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर निशाना साधते हुए लिखा, ”नीतीश सरकार में नए गृहमंत्री अपने पद को लेकर कुछ ज्यादा ही हतोत्साहित हैं, वे ये भी भूल गए हैं कि कल तक जिस जनता जनार्दन का गुणगान गाते थे आज उन्हीं लोगों के घर परिवार उजाड़ रहे हैं.”

बिहार में मकान को जबरन तोड़ा जा रहा है
उन्होंने आगे लिखा, नालंदा, सीतामढ़ी, पटना, आरा इत्यादि जैसे अनेकों जिलों में विगत दो दिनों से लगातार बुलडोजर से गरीब, दलित, वंचित समुदाय के लोगों के घर मकान को जबरन तोड़ा जा रहा है,
नीतीश सरकार के नए गृहमंत्री से अपील
तेज प्रताप ने बिहार के गृहमंत्री से अपील करते हुए कहा कि, हम सभी इस बात से भली भांति वगत हैं कि नवंबर महीने से ही ठंड की शुरुआत हो जाती है, दिसंबर और जनवरी के महीने तो कड़ाके की ठंड पड़ती है, इस ठंड के मौसम में किसी का घर टूटने का दर्द क्या होता है यह हम सभी समझ सकते हैं.

‘बच्चे, महिलाओं-बुजुर्गों पर क्या बीत रही होगी’
उन्होंने कहा कि, यह बात नीतीश सरकार के नए गृहमंत्री यह नहीं समझ पा रहे हैं कि इस बुलडोजर प्रक्रिया से यहां की आमजनमानस के छोटे-छोटे बच्चे, महिलाओं और बुजुर्गों पर क्या बीत रही होगी, इसलिए हम नीतीश सरकार से मांग करते हैं कि बिहार में बढ़ती ठंड और गरीबी से लाचार और बेबस लोगों के आशियानों को तोड़ने से तत्काल प्रभाव से रोक लगाया जाए.

‘गरीबों के आंखों से निकले आंसू.. कोई नहीं बचेगा’
आखिर में तेजप्रताप यादव ने लिखा, नीतीश सरकार से यह भी मांग करते हैं कि जिनके भी घरों को अब तक तोड़ा गया है उनकी रहने की उचित व्यवस्था सहित आर्थिक सहायता राशि भी प्रदान की जाए, नहीं तो गरीबों के आंखों से निकले आंसू और उनकी बद्दुआ से कोई नहीं बच पाएगा, समय आने पर एक-एक आंसुओं का हिसाब हमारी जनता जनार्दन जरूर लेने का काम करेगी.













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