गया: बिहार के गया जिले के छकरबंधा थाना क्षेत्र अंतर्गत भैंसादोहर जंगल में चीतल हिरण के शिकार का सनसनीखेज मामला सामने आया है. बीते दिनों हुई इस वारदात की तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद वन विभाग हरकत में आया और त्वरित कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया.
वायरल फोटो ने खोला मामला
वन विभाग को शिकार की एक साफ-साफ तस्वीर मिली थी, जिसमें कटे हुए चीतल हिरण के अवशेष दिख रहे थे. यह फोटो वायरल होते ही वन विभाग की टीम ने छापेमारी शुरू की. मौके पर पहुंचकर टीम ने शिकार के अवशेषों को सबूत के तौर पर जब्त किया.
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मुख्य आरोपी जुबैर आलम दबोचा गया
गिरफ्तार आरोपी की पहचान जुबैर आलम के रूप में हुई है. पूछताछ में जुबैर ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं. उसने बताया कि शिकार में कई और लोग शामिल थे, जिनमें अन्य जिलों के लोग भी हैं. पुलिस अब इनकी तलाश कर रही है.

तस्करी का शक
वन विभाग को आशंका है कि यह शिकार किसी बड़े तस्करी गिरोह का हिस्सा हो सकता है. आरोपी के बयानों से पता चला है कि संगठित तरीके से हिरण के मांस और खाल की तस्करी की जा रही थी. दो अन्य आरोपी अभी फरार हैं, जिनकी धरपकड़ के लिए छापेमारी जारी है.
नक्सल प्रभाव कम होने से बढ़े शिकार के मामले
स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले छकरबंधा के जंगलों में नक्सली खौफ के कारण वन्यजीवों का शिकार लगभग बंद था. नक्सली गतिविधियां कम होने के बाद शिकारी और तस्कर फिर सक्रिय हो गए हैं. यही कारण है कि अब लगातार ऐसे मामले सामने आ रहे हैं.

वन विभाग की सख्ती
डुमरिया वन विभाग के रेंजर कुलदीप चौहान ने बताया कि वनरक्षक कुंदन कुमार के बयान पर छकरबंधा थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है. वन विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और पूरे गिरोह तक पहुंचने के लिए लगातार कार्रवाई जारी रहेगी.












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