पटना : तीन साल पहले भतीजे चिराग पासवान से दुश्मनी मोल लेने वाले पशुपति कुमार पारस के पास अब कुछ नहीं बचा. मंत्री की कुर्सी गयी, सांसद भी नहीं रहे. पार्टी सिर्फ कागज पर सिमट कर रह गयी और आज पटना का सरकारी बंगला भी चला गया. पटना में लोक जनशक्ति पार्टी के दफ्तर के नाम पर अलॉट सरकारी बंगले पर पशुपति पारस का कब्जा था. सोमवार को पारस ने बंगला खाली कर दिया।


वैसे, इस बंगले को बचाने के लिए पारस ने हर जतन किया था. दिल्ली जाकर अमित शाह से गुहार लगा आय़े थे. पटना हाईकोर्ट में रिट दायर की थी. लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ. अमित शाह ने उनका नोटिस नहीं लिया और हाईकोर्ट ने दो सप्ताह पहले ही बंगला रहने देने की याचिका खारिज कर दी थी.























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