बिहार सरकार (Bihar Government) ने हड़ताली नियोजित शिक्षकों (Bihar Teachers Strike) को ड्यूटी जॉइन कराने को लेकर संकेत दिए हैं. हड़ताल पर गए शिक्षकों में से पुन: स्कूल जॉइन करनेवाले शिक्षकों पर विभाग ने नरमी बरतने का फैसला लिया है. राज्य के प्राथमिक शिक्षा निदेशक (Primary Education) डॉ. रणजीत कुमार सिंह ने कहा कि जो भी शिक्षक फिर से अपनी नौकरी जॉइन करेंगे उनके खिलाफ हुई निलंबन (Suspension) की कार्रवाई वापस ली जाएगी.
DEO-BEO के समक्ष कर सकेंगे योगदान
उन्होंने बताया कि हड़ताल कर रहे शिक्षक डीईओ और बीईओ कार्यालय में जाकर फिर से सेवा जॉइन कर सकते हैं. रणजीत सिंह ने साफ कहा कि नियमावली के तहत सेवा ब्रेक के तीन माह बाद किसी भी शिक्षकों को किसी भी हालत में जॉइन नहीं कराया जाएगा. इसलिए 19 मई तक हर हाल में हड़ताल पर गए शिक्षकों को अपनी नौकरी जॉइन करना अनिवार्य है. हड़ताली शिक्षकों की मांगों पर शिक्षा विभाग ने खुलासा करते हुए कहा कि कोरोना जैसी महामारी में फिलहाल वेतन बढ़ोतरी संभव नहीं है इसीलिए वेतन वृद्धि छोड़कर बाकि मांगों पर लॉकडाउन के बाद ही विचार संभव है.
17 फरवरी से हड़ताल पर हैं बिहार के शिक्षक
बता दें कि राज्य भर के पौने चार लाख शिक्षक पिछले 17 फरवरी से हड़ताल पर हैं. इस हड़ताल के दौरान 60 शिक्षकों की मौत हो चुकी है. बिहार के हजारों शिक्षक समान काम के लिए समान वेतन समेत कई अन्य मांग कर रहे हैं. हड़ताल के दौरान इन शिक्षकों का वेतन भी रोक दिया गया है. बिहार में शिक्षकों की हड़ताल का असर परीक्षा से लेकर कॉपियों के मूल्यांकन कार्य तक पड़ा है. हड़ताली शिक्षकों का कहना है कि सरकार हम लोगों की मांगे माने तो हम तुरंत हड़ताल को समाप्त कर देंगे. वहीं दूसरी तरफ सरकार लॉकडाउन का हवाला देते हुए हड़ताली शिक्षकों से बात करने के मूड में नहीं है. ऐसे में देखना होगा कि शिक्षकों की हड़ताल को लेकर किस तरह का फैसला सामने आता है.
Source: News18
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