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लॉकडाउन में नहीं टूटी छठ की परंपरा, सोशल डिस्टेंसिंग के साथ पूरा कर रहे व्रत

छठ (Chhath Puja) कभी ना छूटने वाली परंपरा है. सब छूट सकता है पर छठ की परंपरा नहीं टूट सकती है. कोरोना वायरस (Coronavirus) से फैली महामारी और लॉकडाउन (Lockdown) के हालात में भी बिहार में छठ मनाई जा रही है. छठ मनाने के दौरान व्रती और उनके परिजन लॉकडाउन के नियमों का पालन पूरी तरह से कर रहे हैं. वे सोशल डिस्टेंसिंग का भी पूरा ख्याल रख रहे हैं. दरअसल पटना के रामकृष्ण नगर इलाके में रहने वाले ऐसे ही एक परिवार ने घर में रहकर घर मे मौजूद संसाधनों के साथ छठ का त्योहार मना रहे हैं.

करीब 30 सालों से भी ज़्यादा समय से छठ का व्रत कर रहे हरेराम सिंह और सुनैना देवी ने कहा कि इस बार कोरोना के चलते हम घर पर ही छठ व्रत कर रहे हैं. छठी मईया से प्रार्थना करते हैं कि इस बार छठी मइया पूरे विश्व को कोरोना के प्रकोप से बचाए और अगले साल से हम फिर से गंगा की घाटों पर छठ का त्योहार मना सकें.

36 घंटे तक जल भी ग्रहण नहीं करेंगे व्रती
लोकआस्था के महापर्व छठ के दूसरे दिन खरना के साथ ही छठव्रतियों का 36 घंटे के निर्जला व्रत की शुरुआत हुई और अब छठव्रती आटे से बने ठेकुआ और फल से सजे कलसुप से अस्ताचल भगवान भाष्कर को अर्ध्य देगी और उसके बाद मंगलवार को उदयमान सूर्य को अर्ध्य देगी. इस दरम्यमान भगवान सूर्य को अर्ध्य देने के साथ छठव्रतियों का यह 36 घंटे का निर्जला व्रत समाप्त हो जाएगा.

Source: News18

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