ऑनलाइन शॉपिंग का नाम आते ही लोगों के दिमाग में खर्च का ख्याल आता है, लेकिन बिहार के पांच युवकों ने इसे कमाई का जरिया बना लिया था। ये युवक दिन-रात फ्लिपकार्ट से महंगे मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स और दूसरे कीमती सामान मंगाते थे। हैरानी की बात यह है कि हर ऑर्डर के बाद उनका पैसा खर्च नहीं होता था, बल्कि जेब और भर जाती थी। महीनों तक चलने वाले इस खेल ने कंपनी को लाखों रुपये का नुकसान पहुंचाया, लेकिन आखिरकार पूरा राज खुल गया और सभी सलाखों के पीछे पहुंच गए।
पुलिस के मुताबिक, इस पूरे खेल की स्क्रिप्ट बेहद चालाकी से लिखी गई थी। आरोपी पहले फ्लिपकार्ट से महंगे स्मार्टफोन, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और अन्य कीमती सामान ऑर्डर करते थे। सामान घर पहुंचते ही वे उसे इस्तेमाल करने या बेचने की तैयारी में जुट जाते थे। इसके बाद शुरू होता था असली खेल।

युवक कुछ दिनों बाद उसी सामान को रिटर्न करने की रिक्वेस्ट डाल देते थे। लेकिन जब कंपनी का प्रतिनिधि सामान लेने पहुंचता, तब असली प्रोडक्ट की जगह नकली या बेहद कम कीमत वाला सामान वापस कर दिया जाता था। रिकॉर्ड में रिटर्न पूरा दिख जाता था और कंपनी ग्राहकों के खाते में रिफंड भी भेज देती थी। नतीजा यह होता था कि महंगा सामान भी उनके पास रहता था और पैसा भी वापस मिल जाता था।

सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि इस पूरे फर्जीवाड़े में एक डिलीवरी बॉय भी शामिल था। आरोप है कि उसकी मिलीभगत के कारण लंबे समय तक किसी को इस खेल की भनक नहीं लगी। रिटर्न प्रक्रिया कागजों पर पूरी हो जाती थी और सिस्टम में सब कुछ सामान्य दिखाई देता था। यही वजह रही कि यह खेल महीनों तक बिना किसी रुकावट के चलता रहा।

हालांकि, कहते हैं कि अप’राध कितना भी शातिर क्यों न हो, कोई न कोई सुराग छोड़ ही जाता है। फ्लिपकार्ट को लगातार कुछ संदिग्ध रिटर्न और शिकायतों की जानकारी मिलने लगी। कई ऑर्डरों में एक जैसी गड़बड़ियां सामने आईं, जिसके बाद कंपनी ने आंतरिक जांच शुरू की। जांच में जब बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़े के संकेत मिले तो मामला पुलिस तक पहुंचा।











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