Press "Enter" to skip to content

मिथिला की महारानी को राजकीय नमन, कामसुंदरी देवी के चित्र पर राज्यपाल की पुष्पांजलि

दरभंगा: दरभंगा की धरती एक बार फिर राजशाही गरिमा और श्रद्धा के भाव से सराबोर दिखी, जब बिहार के राज्यपाल डॉ. आरिफ मोहम्मद खान महारानी कामसुंदरी देवी के श्राद्ध कर्म में शामिल होने कल्याणी निवास पहुंचे। राज्यपाल ने महारानी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धा सुमन अर्पित किए। इस अवसर पर युवराज कपिलेश्वर सिंह और राजेश्वर सिंह ने राज्यपाल का स्वागत किया।

Governor Pays Tribute to Mithila Queen Kamsundari Devi

महारानी कामसुंदरी देवी के निधन के बाद आज द्वादशा का श्राद्ध कर्म आयोजित किया गया है। 12 जनवरी को कल्याणी निवास में महारानी का निधन हुआ था। राजपरिवार द्वारा श्राद्ध कर्म का आयोजन पूरे राजशाही ठाठ-बाट और परंपरा के साथ किया जा रहा है।

बताया जा रहा है कि इस आयोजन में पूरे मिथिला क्षेत्र को आमंत्रित किया गया है। अनुमान है कि 30 से 40 हजार लोग इस श्राद्ध कर्म में शामिल होंगे। आगंतुकों के लिए 56 प्रकार के व्यंजनों की भव्य व्यवस्था की गई है, जो दरभंगा राजपरिवार की परंपरा और अतिथि सत्कार की मिसाल है।

श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद राज्यपाल डॉ. आरिफ मोहम्मद खान ने दरभंगा राजपरिवार के ऐतिहासिक योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि जब वे अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में छात्र थे, तभी से दरभंगा महाराज परिवार का नाम सुनते आ रहे हैं। शिक्षा के क्षेत्र में इस राजपरिवार का योगदान पूरे देश में फैला हुआ है। चाहे बनारस हिंदू विश्वविद्यालय हो या अलीगढ़ विश्वविद्यालय, हर जगह दरभंगा राजपरिवार की भूमिका को भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि वे कृतज्ञता के भाव से महारानी को नमन करने आए हैं।

राज्यपाल ने युवराज कपिलेश्वर सिंह और राजेश्वर सिंह से अपेक्षा जताई कि उनके पूर्वजों ने सामाजिक और शैक्षणिक विकास के जो कार्य किए हैं, उन्हें आगे भी उसी संकल्प और निष्ठा के साथ बढ़ाया जाए। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस दिशा में जो भी सहयोग संभव होगा, वह राजपरिवार के साथ खड़े रहेंगे।

वहीं युवराज राजेश्वर सिंह और कपिलेश्वर सिंह ने कहा कि राज्यपाल डॉ. आरिफ मोहम्मद खान का इस परिवार से पुराना नाता रहा है। अलीगढ़ विश्वविद्यालय के दिनों से ही वे दरभंगा राजपरिवार के योगदान से परिचित रहे हैं।

उन्होंने कहा कि आज राज्यपाल का कल्याणी निवास आकर श्रद्धांजलि अर्पित करना राजपरिवार के लिए सम्मान की बात है। युवराजों ने दोहराया कि उनका संकल्प हैशिक्षा के साथ-साथ खेल और जनहित के कार्यों को आगे बढ़ाकर पूर्वजों की विरासत को जीवंत रखा जाए।

Share This Article
More from BIHARMore posts in BIHAR »
More from MUZAFFARPURMore posts in MUZAFFARPUR »
More from PATNAMore posts in PATNA »
More from STATEMore posts in STATE »

Be First to Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *