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दही-चूड़ा की थाली में आने लगी सियासत की खुशबू, मकर संक्रांति पर बिहार बना राजनीतिक मेल-जोल का मैदान

बिहार : मकर संक्रांति के मौके पर इस बार बिहार की राजनीति ने परंपरा की चौखट लांघकर सियासी रंग अख्तियार कर लिया है। हर साल दही-चूड़ा भोज के बहाने होने वाली मुलाकातें इस बार सिर्फ़ रस्म अदायगी नहीं, बल्कि राजनीतिक संदेश और संभावित समीकरणों का इशारा बन गई हैं। आज मकर संक्रांति है और बिहार में दही-चूड़ा के साथ सियासत पूरी गर्माहट में दिख रही है।

बिहार सरकार में समाज कल्याण मंत्री रत्नेश सदा के आवास पर आयोजित दही-चूड़ा भोज में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के शामिल होने की चर्चा है। वहीं, सबसे ज़्यादा निगाहें टिकी हैं तेज प्रताप यादव के आवास पर आयोजित भोज पर। तेज प्रताप ने सत्ता पक्ष से लेकर विपक्ष और परिवार तक को न्योता देकर सियासी हलकों में हलचल पैदा कर दी है। यह भोज सिर्फ़ स्वाद का नहीं, संकेतों का भी है।

 

मंगलवार को उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा के आवास पर हुए दही-चूड़ा भोज में तेज प्रताप यादव की मौजूदगी पहले ही सियासी बहस को तेज कर चुकी है। विजय सिन्हा ने साफ़ कहा कि मकर संक्रांति पर हर साल सभी नेताओं को न्योता दिया जाता है। तेज प्रताप को भी बुलाया गया था और अब उन्होंने भी अपने भोज में आमंत्रित किया है। यह आपसी न्योते सियासत में शिष्टाचार से आगे बढ़कर नए दरवाज़े खोलते दिख रहे हैं।

तेज प्रताप यादव के दही-चूड़ा भोज की सबसे बड़ी खासियत यही है कि उन्होंने उन नेताओं को भी न्योता दिया है, जिनकी राजनीति सीधे तौर पर राजद की विचारधारा के खिलाफ मानी जाती है। जन शक्ति जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष के तौर पर तेज प्रताप ने अपने सरकारी आवास पर ऐसा मंच सजा दिया है, जहां सत्ता और विपक्ष की लकीरें कुछ देर के लिए धुंधली पड़ती नज़र आ रही हैं।

उधर, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के अध्यक्ष चिराग पासवान ने भी अपने आवास पर दही-चूड़ा भोज रखा है। इसमें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, राज्यपाल और एनडीए के कई मंत्री-नेताओं के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। रत्नेश सदा के अलावा कई अन्य एनडीए नेताओं के यहां भी भोज का सिलसिला जारी है। वहीं, इस बार राबड़ी आवास पर सन्नाटा पसरा रहना भी अपने आप में सियासी संकेत माना जा रहा है।

बता दें कि मकर संक्रांति पर दही-चूड़ा भोज की परंपरा की शुरुआत कभी लालू प्रसाद यादव ने की थी। अब यह परंपरा बिहार की राजनीति में ताक़त दिखाने और मौजूदगी दर्ज कराने का ज़रिया बन चुकी है। 14 जनवरी को तेज प्रताप, 15 को लोजपा (रामविलास) कार्यालय और 16 जनवरी को भाजपा के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के आवास पर भोज यानी दही-चूड़ा की थाली परोसी जाएगी।

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