मुजफ्फरपुर: बिहार में पड़ रही भीषण ठंड के साथ छाए घने कोहरे ने सोमवार की सुबह नेशनल हाईवे-57 को मौत की राह बना दिया। मुजफ्फरपुर के बेनीबाद थाना क्षेत्र के केवटसा मोड़ के पास कोहरे की धुंध इतनी घनी थी कि विजिबिलिटी कुछ मीटर तक सिमट गई।
इसी धुंध में रफ्तार और लापरवाही ने मिलकर ऐसा तांडव मचाया कि तीन एंबुलेंस समेत करीब आधा दर्जन वाहन आपस में टकरा गए। टक्कर की आवाज सुनते ही आसपास के इलाके में अफरातफरी मच गई और सड़क पर चीख-पुकार गूंज उठी। सबसे दर्दनाक मंजर असम नंबर की एंबुलेंस का था, जिसके परखच्चे उड़ गए।

एंबुलेंस का अगला हिस्सा पूरी तरह पिचक गया और चालक समेत उसमें सवार तीन लोग बुरी तरह जख्मी हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, एंबुलेंस में एक गंभीर मरीज वेंटिलेटर और ऑक्सीजन के सहारे सफर कर रहा था।

हादसे के बाद मरीज की जान पर बन आई। अंदर फंसे लोगों की चीखें सुनकर स्थानीय लोग दौड़े और इंसानियत दिखाते हुए लाठी, डंडे और लोहे की रॉड से एंबुलेंस के शीशे तोड़े।

काफी मशक्कत के बाद चालक, मरीज के परिजन और अन्य घायलों को बाहर निकाला गया। मौके पर खून, टूटा कांच और मुड़ी हुई गाड़ियों का ढांचा हादसे की भयावहता बयान कर रहा था। बताया जा रहा है कि आगे चल रहे किसी वाहन के अचानक ब्रेक लेने या रफ्तार धीमी करने से पीछे से आ रही गाड़ियां एक-दूसरे से टकराती चली गईं और हाईवे पर देखते ही देखते तबाही मच गई।

घायलों को फौरन नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां हालत गंभीर देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें श्री कृष्ण मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल रेफर कर दिया। उधर, हादसे की सूचना मिलते ही बेनीबाद थाना पुलिस दल-बल के साथ मौके पर पहुंची।

दुर्घटनाग्रस्त वाहनों के कारण NH-57 पर लंबा जाम लग गया था। पुलिस ने क्रेन और स्थानीय लोगों की मदद से मलबा हटवाया और घंटों की मशक्कत के बाद यातायात बहाल कराया।








Be First to Comment