पटना: बिहार की राजधानी स्थित बापू परीक्षा परिसर ने देश के शैक्षिक क्षेत्र में एक नया अध्याय जोड़ दिया है. बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने इसे देश के सबसे बड़े परीक्षा केंद्र के रूप में विकसित किया है, जहां अब एक साथ लगभग 21 हजार विद्यार्थी ऑनलाइन और ऑफलाइन मोड में परीक्षा दे सकेंगे.
पूरे राज्य के परीक्षा केंद्र का कंट्रोल
यह न केवल बड़ी संख्या में परीक्षार्थियों को बैठाने की क्षमता रखता है, बल्कि पूरे बिहार में होने वाली परीक्षाओं के संचालन एवं नियंत्रण का भी प्रबंध है. इससे आने वाले समय में बिहार में परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और सुगमता आने की उम्मीद है.

तीन शिफ्ट में संचालन
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के अध्यक्ष आनंद किशोर के अनुसार, इस केंद्र में प्रतिदिन तीन शिफ्ट में परीक्षाएं आयोजित की जा सकेंगी. इस व्यवस्था से बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को सुविधाजनक समय पर परीक्षा देने का मौका मिलेगा. केंद्र को आधुनिक तकनीक से लैस किया गया है. यहां मजबूत सुरक्षा व्यवस्था, सभी जगह सीसीटीवी निगरानी और तकनीकी विशेषज्ञों की तैनाती की गई है.

21 हजार परीक्षार्थियों की परीक्षा
आनंद किशोर ने बताया कि वर्तमान में अभी दोनों ब्लॉक में ऑफलाइन मोड में परीक्षा आयोजित की जाती है. अभी ऑफलाइन मोड में 12 हजार परीक्षार्थियों की व्यवस्था है. ऑनलाइन मोड में पहले 3 हजार परीक्षार्थियों की व्यवस्था थी, जिसमें बढ़ाकर 11 हजार कर दिया गया है. ऑनलाइन की व्यवस्था में और बढ़ोतरी की जा रही है. आने वाले दिनों में ऑनलाइन परीक्षा के लिए कुल 21 हजार कंप्यूटर हो जाएंगे. कुल 21 हजार अभ्यर्थी एक साथ ऑनलाइन-ऑफलाइन परीक्षा दे सकते हैं.
अगले साल से बोर्ड परीक्षा
समिति अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि ऑफलाइन मोड की 12 हजार सीटों को हाइब्रिड मोड में अपग्रेड करने की प्रक्रिया इसी महीने शुरू हो जाएगी. इस निर्माण कार्य के कारण इस वर्ष होने वाली मैट्रिक और इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षाएं इस केंद्र पर आयोजित नहीं होंगी. इन परीक्षाओं का आयोजन अगले वर्ष से इसी परिसर में शुरू होगा.

UPSC परीक्षा का अनुभव
आनंद किशोर ने बताया कि बापू परीक्षा परिसर पहले से ही देश की प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं को आयोजित करने का अनुभव रखता है. यहां यूपीएससी, बीपीएससी और एसएससी जैसी परीक्षाएं सफलतापूर्वक आयोजित की जा चुकी हैं. इससे परिसर की प्रबंधन क्षमता और बुनियादी ढांचे की विश्वसनीयता सिद्ध हो चुकी है. इस केंद्र के और विकास का एक मुख्य उद्देश्य निजी या प्राइवेट परीक्षा केंद्रों पर निर्भरता कम करना है, ताकि भविष्य में अधिक से अधिक परीक्षाएं इस तरह के सरकारी केंद्रों पर ही आयोजित की जा सकें.
राज्यव्यापी निगरानी का केंद्र
परीक्षा परिसर की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था अत्यंत मजबूत बताई गई है. यहां लगे सभी सीसीटीवी कैमरों की निगरानी एक केंद्रीय कमांड कंट्रोल सेंटर से की जाती है. खास बात यह है कि इस कंट्रोल सेंटर से राज्य के सभी नौ प्रमंडलों में बने अन्य परीक्षा भवनों की भी लाइव मॉनिटरिंग की जा सकती है. कंट्रोल सेंटर में जिला प्रशासन की नोडल टीम मौजूद रहती है. किसी भी अनियमितता की स्थिति में जांच के लिए सभी सीसीटीवी फुटेज की एक प्रति जिला प्रशासन के पास भी सुरक्षित रखी जाती है.

भव्य बुनियादी ढांचा और निर्माण लागत
बापू परीक्षा परिसर का निर्माण पटना के कुम्हरार में हुआ है. इसका शुभारंभ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अगस्त 2023 में किया था. लगभग 281 करोड़ रुपये की लागत से 6 एकड़ में बने इस परिसर में 44 बड़े परीक्षा हॉल हैं. एक कक्ष में 470 विद्यार्थियों की एक साथ बैठकर परीक्षा देने की व्यवस्था है. एक साथ 21 हजार परीक्षार्थियों के बैठने की व्यवस्था है.
बापू परीक्षा परिसर में सुविधा
परिसर में आधुनिक सुविधाएं जैसे एस्केलेटर, लिफ्ट, परीक्षा अधिकारियों के लिए कक्ष, जैमर, बैग स्कैनर, फ्रिस्किंग व्यवस्था और दिव्यांग छात्रों के लिए व्हीलचेयर आदि की व्यवस्था है. परिसर के पास लगभग 39 करोड़ रुपये की लागत से पांच मंजिला मल्टीलेवल पार्किंग का निर्माण किया जाएगा. यह कार्य भवन निर्माण विभाग की देखरेख में होगा. साथ ही धेनुकी मोड़ के पास पथ निर्माण विभाग के सहयोग से लगभग 4.4 करोड़ रुपये की लागत से एक फुट ओवर ब्रिज भी बनाया जाएगा. यह इमारत परीक्षार्थियों और आगंतुकों की सुविधा को और बढ़ाएगी.

पारदर्शिता और व्यवस्था का प्रतीक
परीक्षा समिति के अध्यक्ष आनंद किशोर ने कहा कि बापू परीक्षा परिसर का उद्देश्य केवल बड़ी संख्या में परीक्षा आयोजित करना ही नहीं है. बल्कि यह पारदर्शिता और सुव्यवस्था का एक आदर्श केंद्र बनाना भी है. यहां की व्यवस्था राज्य की विभिन्न प्रतियोगी और शैक्षणिक परीक्षाओं के लिए एक मानक स्थापित करेगी. पर्याप्त परीक्षा कक्ष, सुव्यवस्थित बैठने की व्यवस्था और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम यह सुनिश्चित करेंगे कि सभी परीक्षाएं शांतिपूर्ण और निष्पक्ष वातावरण में संपन्न हों.











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