पटना: बिहार परिवहन विभाग ने सड़क सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यातायात नियम उल्लंघनकर्ताओं के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया है. राज्यभर में कुल 4488 वाहन चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित किए गए हैं, जबकि 497 चालकों के लाइसेंस पूरी तरह रद्द कर दिए गए हैं. यह कार्रवाई बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं को नियंत्रित करने के उद्देश्य से की गई है.
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परिवहन सचिव की चेतावनी
परिवहन सचिव राज कुमार ने बताया कि निलंबित लाइसेंस वाले चालक यदि निलंबन अवधि में या बाद में फिर नियम तोड़ते पाए गए, तो उनका लाइसेंस स्थायी रूप से रद्द कर दिया जाएगा. रद्द होने पर नए लाइसेंस के लिए फिर आवेदन करना होगा और ड्राइविंग टेस्ट पास करना अनिवार्य होगा. उन्होंने जोर देकर कहा कि यह कार्रवाई एकबारगी नहीं, बल्कि नियमित रूप से जारी रहेगी.

किन उल्लंघनों पर सबसे अधिक एक्शन
सबसे ज्यादा कार्रवाई ओवरस्पीडिंग, रैश ड्राइविंग, ओवरलोडिंग, रेड लाइट जंपिंग, बिना हेलमेट या सीट बेल्ट के वाहन चलाने, रॉन्ग साइड ड्राइविंग और बार-बार नियम तोड़ने वाले मामलों में हुई है. आदतन उल्लंघनकर्ताओं पर विशेष निगरानी रखी जा रही है, जिनके लाइसेंस स्थायी रूप से रद्द किए जा सकते हैं.

जिलेवार कार्रवाई के आंकड़े
पुलिस और यातायात पुलिस की अनुशंसा पर विभिन्न जिलों में 2983 लाइसेंस निलंबित और 393 रद्द किए गए. वहीं, पटना सहित कई जिलों में जिला परिवहन अधिकारियों ने खुद संज्ञान लेकर 1065 लाइसेंस निलंबित और 104 रद्द किए. प्राप्त अनुशंसाओं पर आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी.

परिवहन सचिव राज कुमार ने सभी वाहन चालकों से अपील की कि वे यातायात नियमों का सख्ती से पालन करें. इससे न केवल अपनी, बल्कि दूसरों की जान भी सुरक्षित रहेगी.

तकनीकी निगरानी को मजबूती
सड़क दुर्घटनाओं पर काबू पाने के लिए ANPR कैमरों से नियम तोड़ने वाले वाहनों की पहचान की जा रही है. पुलिस और परिवहन विभाग की संयुक्त टीमों द्वारा सघन जांच अभियान चलाए जा रहे हैं. परिवहन विभाग का कहना है कि सख्त प्रवर्तन से सड़क सुरक्षा को और मजबूत किया जाएगा. नियमों की अनदेखी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा, ताकि राज्य में दुर्घटनाएं कम हों और सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित हो.














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