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कांग्रेस की समीक्षा बैठक में नहीं शामिल हुए 15 जिलाध्यक्ष, भेजा गया नोटिस, पार्टी में टूट की आशंका?

बिहार विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद कांग्रेस लगातार समीक्षा बैठक कर रही है। सबसे पहले दिल्ली में शीर्ष नेतृत्व की अध्यक्षता में बैठक हुई। इस बैठक में कांग्रेस नेताओं ने हार का ठिकरा राजद नेता और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर फोड़ दिया। जिसके बाद से ही राजद और कांग्रेस के गठबंधन खत्म होने की चर्चाएं तेज हो गई है। इसी बीच कांग्रेस ने बड़ी कार्रवाई की है। दरअसल, कांग्रेस ने 15 जिलाध्यक्षों को नोटिस थमा दिया है।

राजेश राम

15 जिलाध्यक्ष बैठक से रहे गायब 

बता दें कि, सोमवार 1 दिसंबर को सदाकत आश्रम में कांग्रेस ने जिलाध्यक्षों, मोर्चा-प्रकोष्ठों के पदाधिकारियों और वरिष्ठ नेताओं की समीक्षा बैठक बुलाई थी। उद्देश्य था हार के कारणों की पड़ताल और संगठन को नए सिरे से मजबूत करने की रणनीति तैयार करना।

बैठक की पूर्व सूचना सभी जिलाध्यक्षों को दी गई थी, लेकिन 15 जिलाध्यक्ष बैठक में पहुंचे ही नहीं। कांग्रेस में पिछले कई दिनों से मतभेद देखने को मिल रहा है। कई नेता बिहार कांग्रेस के नेतृत्व के विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। माना जा रहा है कि कांग्रेस पार्टी में भी टूट हो सकती है।

जिलाध्यक्षों से मांगा गया लिखित जवाब 

प्रदेश नेतृत्व ने इसे अनुशासनहीनता मानते हुए सभी अनुपस्थित जिलाध्यक्षों को नोटिस जारी कर लिखित जवाब मांगा है। नेतृत्व का मानना है कि इतनी महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक से गायब रहना संगठन की गंभीरता पर सवाल उठाता है।

बैठक में प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम और प्रभारी कृष्णा अल्लावरु ने दो टूक कहा कि संगठन में किसी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। चुनाव के दौरान पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोपों में घिरे 43 नेताओं पर कार्रवाई के लिए भी हाईकमान से अनुमति मांगी गई है।

इन जिलाध्यक्षों को जारी हुआ नोटिस

कांग्रेस ने प्रमोद सिंह पटेल (पश्चिम चंपारण), शशिभूषण राय (पूर्वी चंपारण), शाद अहमद (अररिया), सुबोध मंडल (मधुबनी), सुनील यादव (कटिहार), गुरुजीत सिंह और उदय चंद्रवंशी (पटना ग्रामीण), आर.एन. गुप्ता (सुपौल), परवेज आलम (भागलपुर), अनिल सिंह (जमुई), मनोज पांडेय (बक्सर), उदय मांझी (गया), अरविंद कुमार (लखीसराय), इनामुल हक (मुंगेर) और रोशन कुमार (शेखपुरा) को नोटिस भेजा है। कांग्रेस नेतृत्व ने संकेत दिया है कि संगठन को पुनर्गठित करने की प्रक्रिया तेज की जाएगी और लापरवाही दिखाने वालों पर सख्त कार्रवाई तय है।

 

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