बिहार में नई सरकार के गठन को अंतिम रूप देने के लिए गृह मंत्री अमित शाह बुधवार को पटना आ रहे हैं. पटना पहुंचने के बाद वे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात करेंगे. दोनों नेताओं की मुख्यमंत्री आवास में मुलाकात होगी और सरकार गठन को लेकर बातचीत होगी. इसके पहले मंगलवार को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा सुबह सुबह अमित शाह के आवास पर पहुंचे. वहीं जदयू में मंत्रियों के नाम और विधानसभा स्पीकर का पद किस दल को जाए इस पर बात करने के लिए केंद्रीय मंत्री ललन सिंह और जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा सोमवार रात ही चार्टर्ड विमान से दिल्ली पहुंचे.
जानकारी के मुताबिक, कैबिनेट के गठन और मंत्री पदों की हिस्सेदारी को लेकर ललन सिंह व संजय झा भाजपा नेतृत्व से विस्तृत चर्चा हुई। इससे पहले रविवार को भी उनकी शाह और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा से बात हो चुकी है। सूत्रों का कहना है कि सरकार में बराबर की हिस्सेदारी पर जदयू और भाजपा के बीच खींचतान जारी है। सबसे बड़ा विवाद विधानसभा अध्यक्ष की कुर्सी को लेकर है—जदयू इसे अपने पास रखना चाहता है और बदले में विधान परिषद के सभापति का पद भाजपा को देने की पेशकश कर रहा है। जबकि भाजपा दोनों पद अपनी झोली में चाहती है।
नीतीश कुमार 20 नवम्बर को पटना के गांधी मैदान में मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे. वे 10 वीं बार सीएम पद की शपथ लेने वाले हैं. वर्ष 2005 से बिहार के सीएम पद मौजूद नीतीश कुमार देश में सबसे ज्यादा बार सीएम बनने की शपथ लेने वाले नेता हैं.

एनडीए को प्रचंड बहुमत
एनडीए ने 202 सीट जीतकर ऐतिहासिक सफलता हासिल की है। बीजेपी को 89 सीटें मिलीं तो जदयू को 85 सीटों पर सफलता मिली है। चिराग की लोजपा को 19, मांझी की हम को पांच तो उपेंद्र कुशवाहा की रालोमो से 4 सीटों पर सफलता मिली।

विपक्ष को बड़ा झटका
विपक्ष में राजद के 25 तो कांग्रेस के 6 उम्मीदवार जीतकर आए। माले के तीन सीपीएम के के एक विधायक हैं। असदुद्दीन औवैसी की पार्टी एआईएमआईएम ने फिर से पांच सीटों पर जीत दर्ज करने में कामयाबी हासिल किया है तो मायावती कि बहुजन समाज पार्टी(बसपा) का एक उम्मीदवार जीतकर आया।










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