पटना: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण के मतदान के दौरान पटना के मनेर विधानसभा क्षेत्र पर सियासी पारा अचानक बढ़ गया है.आरजेडी विधायक और मनेर सीट से उम्मीदवार भाई वीरेंद्र विवादों में घिर गए हैं और उनकी मुश्किल बढ़ती दिख रही है. उनपर मतदान केंद्र में प्रतिनियुक्त सहायक पुलिस अवर निरीक्षक को धमकाने के आरोप में एफआईआर किया गया है.

भाई वीरेंद्र पर FIR
दानापुर सीडीपीओ 2 अमरेंद्र कुमार झा ने इस मामले की जानकारी देते हुए बताया कि गुरुवार (6 नवंबर) को मनेर थाना क्षेत्र अंतर्गत बूथ संख्या 79, 80 और 81 पर प्रतिनियुक्त एक सहायक पुलिस अवर निरीक्षक भरत तिवारी अपना काम कर रहे थे.मतदान कार्य के दौरान अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर रहे थे. उन्हें भाई वीरेंद्र ने धमकी दी है.
क्या है पूरा मामला
उन्होंने पूरे मामले की जानकारी देते हुए कहा कि एक वृद्ध महिला द्वारा अपना पर्ची दिखाकर बूथ संख्या के संबंध में जानकारी मांगी गई, जिस पर उक्त पदाधिकारी (भरत तिवारी) उनके सहयोग में लगे थे. इसी बीच राष्ट्रीय जनता दल के प्रत्याशी भाई वीरेंद्र वहां पहुंचे और पुलिस पदाधिकारी से उलझते हुए उन्हें जला देने की धमकी दी, जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया और एक दल विशेष के पक्ष में कार्य करने का आरोप लगाया.

आचार संहिता के उल्लंघन का आरोप
आरजेडी प्रत्याशी भाई वीरेंद्र पर आरोप है कि उन्होंने चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि बूथ पर किसी भी तरह का पक्षपात बर्दाश्त नहीं होगा. पुलिस अधिकारियों ने कहा था कि मामले की समीक्षा की जा रही है और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर कार्रवाई होगी. ऐसे में चुनाव आयोग ने आचार संहिता के उल्लंघन का आरोप उन पर लगाया और एफआईआर दर्ज किया गया.

पहले भी हो चुका है केस
भाई वीरेंद्र पर पहले भी केस हो चुका है. मनेर प्रखंड के पंचायत सचिव संदीप कुमार ने पटना के एससी-एसटी थाने में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराया था. उनपर आरोप था कि विधायक ने उन्हें (पंचायत सचिव) फोन पर जान से मारने की धमकी दी और अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया.











Be First to Comment