नगर निकाय क्षेत्रों में अतिक्रमण के खिलाफ अब विभाग के पदाधिकारी सीधे कार्रवाई करेंगे। इस संबंध में नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव आनंद किशोर ने निर्देश जारी किए हैं। इसमें कहा गया है कि इस वर्ष 31 मार्च को अधिसूचित किए गए बिहार नगरपालिका संशोधन अधिनियम के अनुसार नगर आयुक्त और कार्यपालक पदाधिकारी को अतिक्रमण हटाने एवं अतिक्रमणकारियों पर जुर्माना लगाने की शक्ति प्रदान की गई है। ऐसे में वे बिहार सरकार के प्राधिकृत पदाधिकारी के आदेश के बिना भी अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई कर सकेंगे।
सार्वनजिक मार्ग या सड़क, पगडंडी, ड्रेनेज, सिवरेज या पार्क पर स्थायी या अस्थार्यी संरचना से अवरोध पैदा करने वालों पर कार्रवाई की जा सकेगी। प्रधान सचिव ने सभी प्रमंडलीय आयुक्त एवं जिलाधिकारी को निकाय क्षेत्रों के भू-अभिलेख नगर आयुक्त और कार्यपालक पदाधिकारी को उपलब्ध कराने को कहा है। इसके लिए नगर निकाय की ओर से खर्च वहन किया जाएगा।
जारी निर्देश के अनुसार किसी भी तरह के अतिक्रमण को हटाने से 15 दिन पूर्व नोटिस दिया जाएगा। नोटिस का संतोषजनक जवाब नहीं दिए जाने पर सथायी अतिक्रमण की स्थिति में 20 हजार का जुर्माना लगाया जाएगा। अस्थायी अतिक्रमण की स्थिति में जुर्माना पांच हजार रुपये तक होगा। अस्थायी अतिक्रमण को निकाय के सक्षम पदाधिकारी 24 घंटे में भी हटा सकेंगे।











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