कोरोना के दूसरे दौर में मर’ने वाले का सिलसिला जारी है। शुक्रवार को एसकेएमसीएच में कोरोना पॉजिटिव दो महिलाओं की मौ’त हो गई, जबकि अहमदाबाद-दरभंगा स्पेशल ट्रेन से आने वाले एक कोरोना पॉजिटिव मजदूर ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। मुजफ्फरपुर स्टेशन पर उसका श’व उतारा गया।
एक मृ’त महिला मोतिहारी के मेहसी इलाके की रहनी वाली बताई गई हैं। उसकी उम्र 60 वर्ष बताई गई है। उसकी मौ’त गुरुवार की देर रात दो बजे इलाज के दौरान कोविड केयर अस्पताल में हो गई। वहीं दूसरी मृ’त महिला 65 वर्षीय मझोलिया की रहने वाली बताई गई हैं। उसकी मौ’त शुकवार की दोपहर एक बजे के करीब हुई। इन दोनो को गंभीर हालत में इलाज के लिये आठ अप्रैल को एसकेएमसीएच में भर्ती कराया गया था। एसकेएमसीएच अधीक्षक डॉ बीएस झा ने इनकी मौ’त की पुष्टि की है। शुक्रवार देर शाम एसकेएमसीएच के पोस्टमार्टम हाउस से इन दोनों के शव निर्धारित बैग में पैक कर स्वजनों के हवाले कर दिए गए हैं। इधर तीन व्यक्ति को गंभीर हालत में एसकेएमसीएच कोविड अस्पताल में इलाज के लिये भर्ती कराए गए हैं। अभी कोविड अस्पताल में 18 व्यक्ति का इलाज चल रहा है।
वहीं अहमदाबाद-दरभंगा स्पेशल ट्रेन से लौट रहे एक कोरोना पॉजिटिव मजदूर की मौ’त ट्रेन में ही हो गई। मृत’क के साथ पत्नी और दो बच्चे थे। मुजफ्फरपुर स्टेशन पर श’व को उतारा गया। मृ’तक की पत्नी और दोनों बच्चों का मुजफ्फरपुर स्टेशन पर एंटीजन टेस्ट कराने पर वे निगेटिव पाए गए। उक्त मृतक 39 वर्ष शिवहर जिला के तरैया थाना क्षेत्र का निवासी बताया गया है। जीआरपी थानाध्यक्ष दिनेश कुमार साहू ने श’व की जांच के लिए एसकेएमसीएच भेज दिया है। वह सूरत में किसी चप्पल फैक्ट्री में काम करता था। उसकी पत्नी ने बताया कि पांच अप्रैल को उसने कोरोना जांच कराई थी जिसमें वह पॉजिटिव पाया गया था। इसके बाद पूरा परिवार ट्रेन से गांव के लिए चल पड़ा था। मुगलसराय स्टेशन से पहले मरीज की हालत बिगड़ी। रेल चिकित्सक का भी सहयोग नहीं मिला। उसके बाद रास्ते में ही मौ’त हो गई। फिर मुजफ्फरपुर स्टेशर पर शव उतारा गया।










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