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क्यों लंबी हुई बिहार बोर्ड मैट्रिक टॉपरों की लिस्ट, यह है वजह

BSEB Bihar Board 10th Result 2021 : बिहार बोर्ड मैट्रिक परीक्षा के पैटर्न में बदलाव का सबसे ज्यादा असर रिजल्ट पर हुआ है। विकल्प वाले प्रश्नों की संख्या बढ़ने से कई विद्यार्थियों को समान अंक मिले हैं। प्रतिस्पर्धा इतनी रही कि एक-एक स्थान पर एक से ज्यादा छात्र-छात्राओं ने कब्जा जमाया। टॉप 10 सूची की बात करें तो दसवें स्थान पर 32 विद्यार्थी हैं। इन सभी को 475 अंक प्राप्त हुए। नौंवें स्थान पर 17 विद्यार्थी है। इनको 476 अंक प्राप्त हुए। यही स्थिति आठवें स्थान की रही है। आठवें स्थान पर 12 विद्यार्थियों को एक जैसा अंक 477 मिला है। इतना ही नहीं, इस बार टॉप 10 सूची में शामिल टॉपरों के अंकों में एक या दो अंक का अंतर ही है। एक स्थान से दूसरे स्थान में भी काफी प्रतिस्पर्धा रही।

विषय विशेषज्ञों की मानें तो विकल्प वाले प्रश्नों की संख्या बढ़ने से यह स्थिति हुई है। सौ फीसदी विकल्प वाले प्रश्न रहने से सभी चैप्टर से प्रश्न पूछे गये। ऐसे में जिन छात्रों की तैयारी 50 फीसदी भी रही तो वो सभी प्रश्न का जवाब दे पाए। गणित के विशेषज्ञ केसी सिन्हा ने बताया कि चूंकि इस बार विकल्प वाले प्रश्न दोगुना पूछे गए थे। इससे 50 फीसदी और सौ फीसदी तैयारी करने वाले छात्र बराबर रहे, क्योंकि 50 फीसदी तैयारी वाले छात्र भी पूरे प्रश्न का उत्तर दे पाये। सभी चैप्टर से प्रश्न पूछे गए थे। वहीं सौ फीसदी तैयारी वाले छात्र भी सारे प्रश्न का उत्तर दे पाये।

कोरोना के कारण सेल्फ स्टडी पर रहा फोकस : टॉपर सूची में इतने छात्र का शामिल होने का एक मुख्य कारण सेल्फ स्टडी भी माना जा रहा है। रधुनाथ बालिका हाई स्कूल के शिक्षक आशुतोष कुमार ने बताया कि इस बार छात्रों का फोकस सेल्फ स्टडी पर रहा।

पहली बार टॉपर सूची में 101 विद्यार्थी शामिल
बिहार बोर्ड की मानें तो पहली बार टॉप-10 में 101 विद्यार्थी शामिल हुए। 2020 की बात करें तो टॉप-10 में 41 विद्यार्थी शामिल थे। लेकिन 2021 में टॉप-10 में कुल 101 विद्यार्थी शामिल हुए हैं। वहीं 2019 में टॉप-15 में 50 छात्र शामिल थे।

टॉपर सूची में शामिल कुल विद्यार्थी
स्थान विद्यार्थी
टॉप-एक तीन
टॉप-दो सात
टॉप-तीन एक
टॉप-चार छह
टॉप-पांच छह
टॉप-छह 10
टॉप-सात सात
टॉप-आठ 12
टॉप-नौ 17
टॉप-10 32

मेधा सूची में शामिल होने का बढ़ा क्रेज
मेधा सूची में जगह बनाने के प्रति छात्रों में रुझान बढ़ा है। इससे छात्र उसी तरह से मेहनत कर रहे हैं। पटना हाई स्कूल के प्राचार्य रवि रंजन की मानें तो मेधा सूची में शामिल होने के लिए छात्र मेहनत करते हैं। इस बार की मेधा सूची में छात्रों का रुझान कुछ ऐसा ही लग रहा है। जिस तरह से एक-एक अंक के बीच मेधा सूची में छात्र शामिल हुए हैं।

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