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बिहार के आईपीएसअधिकारी मनोज तिवारी छुट्टी में बन जाते हैं किसान, पत्‍नी हैं इनसे ज्‍यादा धनवान

सरकार के निर्देश पर सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों ने अपनी संपत्ति का ब्योरा पोर्टल पर अपलोड कर दिया है। घोषित संपत्ति के विवरण से पता चलता है कि अधिकारियों ने अपनी सैलरी को बचाकर भविष्य के लिए सुरक्षित निवेश किया है। बीएमपी आठ के कमांडेंट आइपीएस अधिकारी मनोज तिवारी की पत्‍नी के पास 40 हजार रुपये नकदी है। कमांडेंट साहब के पास उनसे पांच हजार रुपये कम है। वहीं बैंक में दंपती के नाम तीन-तीन लाख रुपये है। कमांडेंट साहब खेतीबारी के भी शौकीन हैं। औरंगाबाद में 57 डिसमिल में खेती करते हैं। अपने व परिवार का भविष्य को भी सुरक्षित करने के लिए एलआइसी में परिवार के सभी सदस्यों का निवेश कर रखा है। कमांडेंट साहब के पास मात्र 15 ग्राम सोना है जबकि उनकी पत्‍नी के पास 300 ग्राम सोना व आधा किलो चांदी है। कमांडेंट साहब के पास 2001 मॉडल की मारुति कार भी है।

डीएसपी नीतीश प्रिया के पास एक किलो सोना
बिहार पुलिस सेवा की अधिकारी डीएसपी हेडक्वार्टर निशीत प्रिया ने काफी सोच-समझकर राशि का निवेश कर रखा है। डीएसपी निशित प्रिया के पास 1180 ग्राम सोना है, जबकि मैडम को हीरों का हार पसंद है। डीएसपी हेडक्वार्टर के पास 1.67 लाख नकदी है। उन्‍होंने 12.31 लाख रुपये एसबीआइ तथा 5.79 लाख रुपये बीओआइ में जमा कर रखा है। खगडिय़ा की रहने वाली मैडम ने 5.66 लाख पीपीएफ, 70 हजार केवीपी व करीब 30 हजार रुपये एलआइसी में निवेश कर रखा है।

होंडा की कार से चलते हैं एसडीपीओ बलिया
नालंदा के रहने वाले एसडीपीओ बलिया कुमार वीर धीरेंद्र से ज्यादा अमीर उनकी पत्‍नी है। एसडीपीओ साहब के पास मात्र पांच हजार रुपये नकदी व 25 हजार रुपये बैंक में है। जबकि उनकी पत्‍नी के पास 50 हजार नकदी व 1.40 लाख रुपये बैंक में है। एसडीपीओ साहब छुट्टी के दिनों में होंडा कार की सवारी करते हैं। उन्होंने भविष्य को लेकर बहुत ज्यादा निवेश नहीं किया है। उनके पास 140 ग्राम सोना जबकि उनकी पत्नी के पास 140 ग्राम सोना व 800 ग्राम चांदी है।

परिवार का सुरक्षित भविष्य को लेकर ज्यादा सतर्क हैं एसडीपीओ तेघड़ा
एसडीपीओ तेघड़ा ओम प्रकाश अपना व अपने परिवार के सुरक्षित भविष्य को लेकर ज्यादा सतर्क दिखते हैं। एसडीपीओ साहब ने खुद के लिए दो एलआइसी में 4016 व 5110 रुपये निवेश कर रखा है जबकि उनकी पत्‍नी, बेटा व बेटी के नाम से भी एलआइसी में निवेश है। साहब के पास मात्र 5615 रुपये नकदी है जबकि 11.3 लाख रुपये बैंक में जमा कर रखा है। एसडीपीओ तेघड़ा छुट्टी के दिनों में बाइक व मारुति कार से चलते हैं। जबकि उनकी पत्नी ने एसबीआइ से कार लोन ले रखीं हैं।

सदर एसडीपीओ से ज्यादा अमीर उनकी पत्‍नी
सदर एसडीपीओ राजन सिन्हा से ज्यादा अमरी उनकी पत्‍नी हैं। एसडीपीओ साहब के पास 10 हजार रुपये नकदी है जबकि उनकी पत्‍नी के पास 25 हजार नकदी व 20989 रुपये बैंक में है। वहीं एसडीपीओ साहब की पत्नी टाटा सफारी से सवारी करती हैं जबकि एसडीपीओ साहब सरकारी गाड़ी की सवारी करते हैं। शेखपुरा के रहने वाले सदर एसडीपीओ को फ्लैट से 16 हजार रुपये महीना रेंट भी आ रहा है। वहीं सुरक्षित भविष्य म्यूचल फंड के अलावा एलआइसी में निवेश कर रखा है। हालांकि उन्होंने बैंक से होम लोन व कार लोन भी ले रखा है।

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