कोरोना का ट्रेंड हर दिन बदल रहा है। संक्रमण की रफ्तार तेजी से बढ़ रही है। पांच दिन में मामले 11 गुणा मामले बढ़ गए हैं। 30 मार्च को 24 घंटे में मात्र 74 नए मामले आए थे जो 5 दिन बाद 4 अप्रैल को बढ़कर 864 पहुंच गया। तेजी से बढ़ रहे मामले सरकार की चिंता बढ़ा रहे हैं और ऐसे में लोगों में जागरुकता लाने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। सोमवार को स्वास्थ्य विभाग ने अलर्ट जारी करते हुए जांच की रफ्तार बढ़ाने को कहा है।
आने वाला 4 से 5 दिन काफी खतरनाक
30 मार्च को प्रदेश में 74 नए मामले आए थे। इस दिन प्रदेश में कुल संक्रमण की संख्या 265268 हो गई थी। वहीं एक्टिव मामलों की संख्या 1555 हो गया, लेकिन पांच दिन में ही 4 अप्रैल को मामले 11 गुणा बढ़ गए हैं। 31 मार्च को 24 घंटे में लगभग 4 गुणा बढ़कर 259 पहुंच गया। एक अप्रैल को 488 नए मामले प्रदेश में आए और इसके बाद से ही रफ्तार बढ़ती गई। 2 अप्रैल को 662 नए मामले 24 घंटे में आए। वहीं 3 अप्रैल को आंकड़ा 836 पहुंच गया और 4 अप्रैल को 24 घंटे में संक्रमण का ग्राफ 864 पहुंच गया। अब स्वास्थ्य विभाग इस गुणा गणित में है के कि अगर आने वाले 4 से 5 दिनों में आंकड़ा गिरता है, तो राहत की बात है नहीं तो मुश्किल बढ़ जाएगी। इस कारण से ही इस 4 से 5 दिन में लोगों से कोरोना की गाइडलाइन का पालन विशेष रूप से करने को कहा जा रहा है।
जांच का लक्ष्य हर दिन बढ़ाने पर जोर
संक्रमण की रफ्तार को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने जांच के लिए लक्ष्य हर दिन बढ़ाने का फैसला किया है। पटना में हर दिन 10 हजार जांच का आदेश दिया है। DM डॉ चंद्रशेखर सिंह ने टीम को निर्देश दिया है कि किसी भी दशा में जांच कम नहीं हो चाहिए। जांच की संख्या बढ़ाकर ही वह कोरोना संक्रमितों को डिटेक्ट करने में लगे हैं। सिविल सर्जन डॉ विभा कुमारी का कहना है कि संक्रमण की बढ़ती तेज रफ्तार को लेकर विशेष रूप से जांच की व्यवस्था की गई है। बाहर से आने वालों की जांच कराई जा रही है और इसके साथ संक्रमिताें के संपर्क में आने वालों की पड़ताल कर उनकी भी जांच कराई जा रही है।
मास्क की चेकिंग को लेकर बढ़ेगी सख्ती
आने वाले दिनों में मास्क चेकिंग को लेकर और सख्ती बढ़ाने की तैयारी है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने प्रदेश के सभी जिलाधिकारयों के साथ पुलिस अधिकारियाें को निर्देश दिया है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि आने वाले 4 से 5 दिन में अगर संक्रमण की रफ्तार को रोक दिया गया तो हालात काबू में आ जाएगा, लेकिन उपाय और सख्ती के बाद भी मामला नहीं थमा तो फिर स्थिति अन्य प्रदेशों की तरह हो जाएगी। ऐसे में प्रशासन काे सख्ती से काम करने का निर्देश दिया गया है। DM पटना डॉ चंद्रशेखर सिंह ने कहा है कि कोरोना की गाइडलाइन का पालन नहीं करने वाले हमेशा रडार पर होंगे और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।












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