सरकार की ओर से जारी आदेश के अनुसार प्रशासन द्वारा निजी कोचिंग बंद कराने की कोशिश किए जाने पर बिहार के सासाराम जिले में जबर्दस्त बवा’ल हो गया है। सासाराम नगर थाना क्षेत्र के गौरक्षणी मोहल्ले में कोचिंग बंद कराने गए नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी अभिषेक आनंद की गाड़ी में छात्रों ने तो’ड़-फो’ड़ की। अधिकारी वहां से किसी तरह जान बचाकर भागे। इसके बाद छात्रों ने पूरे शहर की सड़कों पर जमकर आ’गजनी, हंगा’मा और तो’ड़फो’ड़ की है। हं’गामा कर रहे छात्रों ने सासाराम – आरा स्टेट हाईवे को जाम कर दिया है। हं’गामा कर रहे छात्रों ने पुलिस की गाड़ियों पर भी ह’मला किया है। नगर थाने की गाड़ियों में भी तो’ड़फो’ड़ की गई है। सासाराम कलेक्ट्रेट और पोस्ट ऑफिस चौक पर भी जमकर हं’गामा हुआ है। पूरी सड़क पर ईं’ट और रो’ड़े बिखर गए हैं।
एसपी और डीएम मौके पर पहुंचे, आंसू गैस के गो’ले छोड़े गए
हं’गामा कर रहे छात्रों ने दर्जनों निजी वाहनों में भी तो’ड़फो’ड़ की है। छात्र लगातार सड़क पर आ’गजनी कर रहे हैं। स्थिति को संभालने के लिए खुद डीएम और एसपी ने मोर्चा संभाल लिया है। सूत्रों के मुताबिक छात्रों को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गो’ले भी छो’ड़े गए हैं। शहर की सड़कों पर बड़ी तादाद में पुलिस बलों को उतारा गया है। बावजूद इसके अभी स्थिति पूरी तरह नियंत्रित नहीं हो सकी है।
सरकार के फैसले का विरोध कर रहे निजी कोचिंग संचालक
बिहार में तेजी से बढ़ते कोरोना संक्रमण को देखते हुए सरकार ने 11 अप्रैल तक सभी शैक्षणिक संस्थानों को बंद करने का आदेश जारी किया है। बिहार के कई निजी कोचिंग संचालक इसका विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि सरकार जब मॉल और सिनेमा हॉल नहीं बंद करा रही है तो केवल कोचिंग ही क्यों बंद कराया जा रहा है। कोचिंग बंद कराए जाने से छात्रों का शैक्षणिक भविष्य चौपट हो जाएगा। अभी परीक्षाओं का दौर चल रहा है। ऐसे में कोचिंग को सभी सावधानियों का पालन करते हुए खोलने की इजाजत दी जानी चाहिए।
सरकार ने प्राथमिकी दर्ज कराने की दी है चेतावनी
बिहार की राजधानी पटना में भी कुछ कोचिंग संचालकों ने अपने संस्थान खुला रखने की बात रविवार को कही थी। इसपर जिला प्रशासन ने सख्ती दिखाई। पटना के डीएम चंद्रशेखर ने साफ तौर पर कहा कि कोई भी शैक्षणिक संस्थान अगर खुला पाया गया तो प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी। सरकार का आदेश सभी को हर हाल में मानना होगा।












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