बिहार में कोरोना वायरस संक्रमण से म’रने वालों की सूची में गड़बड़ी का एक बड़ा उदाहरण सामने आया है। यहां कोरोना से संक्रमित होने के बाद ठीक हो चुकी एक महिला को मृ’त घोषित कर दिया गया। यह गड़बड़ी बिहार के बड़े अस्पताल पटना एम्स (Patna AIMS) के स्तर से होने की बात सामने आ रही है। पूरा मामला तब सामने आया जब कथित रूप से मृ’त महिला को मुआवजा देने की कवायद शुरू की गई। मुआवजा देने से पहले सत्यापन के लिए जब महिला के मोबाइल नंबर पर संपर्क किया गया तो पूरा वाकया जानकर सभी लोग हैरान रह गए।
दिसंबर महीने में कराया था कोरोना का इलाज
पटना के बोरिंग रोड में एक महिला अपने माता-पिता के घर आई थी। दिसंबर 2020 में अपने पिता के घर बीमार होने पर जांच कराई गई तो महिला कोरोना संक्रमित निकल गई। इसके बाद परिवार के लोगों ने उसे तुरंत पटना एम्स में भर्ती कराया। यहां इलाज के बाद महिला स्वस्थ हो गई। ठीक होने के बाद यह महिला अपने परिवार के साथ कब की दिल्ली जा चुकी है।
राज्य स्वास्थ्य समिति को मिली सूची में मृ’तक
पटना एम्स ने कोरोना से मर’ने वाले मरीजों की जो सूची राज्य स्वास्थ्य समिति को भेजी है, उसमें इस महिला का भी नाम है। बिहार सरकार कोरोना से मरने वाले सभी मरीजों को चार लाख रुपए का मुआवजा दे रही है। इसका भुगतान संबंधित जिला प्रशासन की ओर से किया जा रहा है। राज्य स्वास्थ्य समिति ने पटना का पता होने के कारण इस महिला के म’रने की सूचना पटना जिला प्रशासन को भेजी थी।
आपदा प्रबंधन विभाग ने सत्यापन के लिए किया फोन
पटना जिला प्रशासन के आपदा प्रबंधन विभाग ने महिला के परिवार को मुआवजा भुगतान करने से पहले सत्यापन के लिए अस्पताल में दर्ज कराए गए मोबाइल नंबर पर फोन किया तो यह गड़बड़ी सामने आई। महिला ने प्रशासन को सूची दुरुस्त करने का आग्रह किया है। दूसरी तरफ मृत’कों की सूची में गड़बड़ी सामने आने के बाद स्वास्थ्य महकमा पूरे सिस्टम को दुरुस्त करने की तैयारी में जुटा गया है।











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