लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी शनिवार को प्रयागराज पहुंचे। यहां आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में उन्होंने केंद्र सरकार की नीतियों पर तीखा हमला बोला। युवाओं और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने शिक्षा व्यवस्था, बेरोजगारी, डेटा और युवाओं की क्षमता जैसे मुद्दों पर अपनी बात रखी।
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि मौजूदा व्यवस्था और केंद्र सरकार की नीतियों के कारण देश का युवा परेशान है। उन्होंने कहा कि सिस्टम ने युवाओं को एक तरह के चक्रव्यूह में फंसा रखा है। अपने संबोधन की शुरुआत में राहुल गांधी ने कहा कि वह मुख्य रूप से तीन चीजों पर बात करना चाहते हैं- दर्द, डेटा और दौलत। 
उन्होंने कहा कि युवाओं के पास क्षमता और डेटा दोनों हैं, लेकिन जिस दौलत और अवसर पर उनका अधिकार होना चाहिए, वह मौजूदा नीतियों के कारण उन तक नहीं पहुंच पा रहा है। युवाओं की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि देश का हर युवा भारत की ताकत और शान है। उनके मुताबिक, युवाओं में इंटेलिजेंस, इमेजिनेशन और क्षमता है और अगर व्यवस्था उनके रास्ते में बाधा नहीं बने तो देश का भविष्य इन्हीं की ताकत पर तैयार होगा।
राहुल गांधी ने कहा कि भारत के पास दुनिया की सबसे बड़ी युवा आबादी है। उन्होंने करीब 40 करोड़ युवाओं का जिक्र करते हुए कहा कि इनकी ऊर्जा और क्षमता देश की सबसे बड़ी ताकतों में से एक है।
उन्होंने 21वीं सदी की तकनीक का जिक्र करते हुए कहा कि आज किसी भी देश की प्रगति में दो चीजों की महत्वपूर्ण भूमिका है- युवा क्षमता और डेटा। उन्होंने दावा किया कि भारत के पास दुनिया में सबसे ज्यादा डेटा है और एक भारतीय प्रतिदिन करीब एक गीगाबाइट डेटा इस्तेमाल करता है।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उदाहरण देते हुए राहुल गांधी ने कहा कि बिना लोगों के डेटा के AI का कोई अर्थ नहीं है। उन्होंने डेटा को देश की पूंजी और संपत्ति बताते हुए कहा कि जिस तरह 20वीं सदी में पेट्रोल के बिना पेट्रोल इंजन काम नहीं कर सकता था, उसी तरह आज डेटा के बिना AI आगे नहीं बढ़ सकता।













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