बिहार के चर्चित कार्यपालक पदाधिकारी (ईओ) विमल कुमार ह’त्याकांड में अब सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मामले में स्पीडी ट्रायल कराने का निर्देश दिया है और भरोसा दिलाया है कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। बुधवार को विमल कुमार की पत्नी बबिता कुमारी ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर परिवार के लिए न्याय और सुरक्षा की मांग उठाई।
मुख्यमंत्री आवास पर हुई इस मुलाकात के दौरान बबिता कुमारी ने कहा कि उनके पति की ह’त्या की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराई जाए ताकि घट’ना से जुड़े सभी दोषियों की पहचान हो सके। उन्होंने यह भी मांग की कि मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक या स्पीडी ट्रायल के जरिए जल्द पूरी कर दोषि’यों को कड़ी सजा दिलाई जाए।
मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान पी’ड़ित परिवार की ओर से पांच अहम मांगें रखी गईं। इनमें ह’त्या की निष्पक्ष जांच, आरो’पियों के खिलाफ स्पीडी ट्रायल, परिवार के जीवन-निर्वहन के लिए दो करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता, राजपत्रित पद पर सरकारी नौकरी और पूरे परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग शामिल है।मुख्यमंत्री ने परिवार को भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार न्याय दिलाने के लिए हर संभव कदम उठाएगी। उन्होंने संबंधित जिला प्रशासन को मामले में तेजी से कार्रवाई करने और कानूनी प्रक्रिया को प्राथमिकता देने के निर्देश भी दिए हैं।
गौरतलब है कि डेहरी-डालमियानगर नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी विमल कुमार की ह’त्या उस समय कर दी गई थी, जब वे कार से डेहरी से पटना की ओर जा रहे थे। घ’टना औरंगाबाद जिले के बरुण थाना क्षेत्र के धनौती पुल के पास हुई।
शुरुआत में चालक ने पुलिस को बताया कि अज्ञात बाइक सवार बदमा’शों ने हम’ला किया है। हालांकि पुलिस जांच के दौरान चालक के बयान बार-बार बदलते रहे, जिससे उस पर संदेह गहरा गया। कड़ी पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि उसने ही लोहे की रॉ’ड से ह’मला कर विमल कुमार की ह’त्या की।
पुलिस के अनुसार आ’रोपी चालक को गि’रफ्तार कर लिया गया है और उससे आगे की पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि ह’त्या के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं थी।










Be First to Comment