बिहार की राजनीति में सोमवार की सुबह आस्था और सियासत का अनोखा संगम देखने को मिला। बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के नतीजों का इंतजार पूरे प्रदेश को है। इसी बीच नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव सावन की पहली सोमवारी के अवसर पर ऐतिहासिक हरिहरनाथ मंदिर पहुंचे और भगवान शिव की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। उन्होंने रुद्राभिषेक किया, शिवलिंग पर दूध अर्पित किया और राज्य की सुख-समृद्धि, शांति तथा जनता के कल्याण की कामना की।
मंदिर परिसर में सुबह से ही “हर-हर महादेव” और “बोल बम” के जयघोष गूंजते रहे। सावन की पहली सोमवारी होने के कारण हजारों श्रद्धालु जलाभिषेक और दुग्धाभिषेक के लिए तड़के से ही कतारों में खड़े नजर आए। इसी दौरान तेजस्वी यादव भी मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने पूरे धार्मिक रीति-रिवाज के साथ भगवान भोलेनाथ का अभिषेक किया। उनके साथ मौजूद लोगों ने भी पूजा-अर्चना में हिस्सा लिया।
संयोग यह है कि जिस दिन बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के मतों की गिनती हो रही है, उसी दिन सावन की पहली सोमवारी भी है। ऐसे में मतगणना शुरू होने से पहले तेजस्वी यादव का हरिहरनाथ मंदिर पहुंचना राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है।राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनावी मुकाबले के अहम दिन किसी बड़े नेता का धार्मिक स्थल पर पहुंचना केवल व्यक्तिगत आस्था का विषय नहीं माना जाता, बल्कि इसका राजनीतिक संदेश भी निकाला जाता है। हालांकि तेजस्वी यादव ने मंदिर में पूजा के दौरान किसी प्रकार का राजनीतिक बयान नहीं दिया। उन्होंने केवल प्रदेश की खुशहाली, सामाजिक सौहार्द और जनकल्याण की प्रार्थना की।
सावन के पहले सोमवार पर हरिहरनाथ मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं का सैलाब देखने को मिला। मंदिर प्रशासन ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए विशेष व्यवस्था की थी। श्रद्धालु लंबी कतारों में अपनी बारी का इंतजार करते रहे और भगवान शिव का जलाभिषेक करते रहे।












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