मुजफ्फरपुर जिले के बोचहाँ प्रखंड में कृषि विभाग की कार्यशैली एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। खरीफ फसलों की बुवाई के महत्वपूर्ण समय में, जब किसानों को बीज, खाद और सरकारी योजनाओं से जुड़ी जानकारी एवं सहायता की सबसे अधिक आवश्यकता होती है, उसी दौरान प्रखंड कृषि कार्यालय बंद मिला। शिकायत मिलने पर बोचहाँ प्रखंड प्रमुख साजन कुमार पासवान ने 15 जुलाई 2026 को औचक निरीक्षण किया।


निरीक्षण के दौरान कार्यालय में न तो प्रखंड कृषि पदाधिकारी मौजूद थे और न ही कोई कर्मचारी। कार्यालय पूरी तरह बंद मिला, जिसके बाद प्रमुख ने कार्यालय के मुख्य गेट पर अतिरिक्त ताला जड़ दिया और इसकी सूचना संबंधित वरीय अधिकारियों को दी। निरीक्षण के दौरान प्रमुख ने कार्यालय के अभिलेखों की भी जांच की और अनुपस्थिति को गंभीर लापरवाही बताते हुए कहा कि किसान अपनी समस्याओं के समाधान के लिए लगातार कार्यालय का चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी और कर्मचारी समय पर कार्यालय नहीं पहुंच रहे हैं।

प्रमुख ने स्पष्ट कहा कि किसानों के हितों की अनदेखी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जानी चाहिए। इसके साथ ही अनुपस्थित कर्मियों से स्पष्टीकरण मांगने और कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू करने की बात भी कही गई है। इस घटना के बाद कृषि विभाग की कार्यशैली पर कई सवाल उठ रहे हैं और स्थानीय किसानों के बीच भी नाराजगी देखी जा रही है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन इस मामले में आगे क्या कार्रवाई करता है।











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