बिहार के लाखों शिक्षकों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आ रही है। राज्य सरकार जल्द ही नई शिक्षक तबादला नीति लागू कर सकती है, जिसके तहत शिक्षकों को अपनी पसंद के विद्यालय चुनने का मौका मिलेगा। शिक्षा विभाग ने नई ट्रांसफर पॉलिसी का मसौदा तैयार कर लिया है और अब इसे कैबिनेट की मंजूरी का इंतजार है।
नई व्यवस्था लागू होने के बाद शिक्षकों को तबादले के लिए 30 विद्यालयों का विकल्प देने की सुविधा मिलेगी। विभाग इन विकल्पों के आधार पर शिक्षकों की पदस्थापना करेगा। इससे लंबे समय से तबादले की प्रतीक्षा कर रहे शिक्षकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

हाल ही में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी शिक्षकों के तबादले को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई थी। उन्होंने कहा था कि राज्य सरकार शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए गंभीर है और शिक्षकों की समस्याओं का समाधान भी प्राथमिकता पर किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया था कि शिक्षक जहां भी स्थानांतरण लें, वहां उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करनी होगी।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार, नई नीति में पहली बार मेरिट को भी महत्व दिया गया है। यदि किसी विद्यालय में निर्धारित संख्या से अधिक शिक्षक किसी पद के लिए इच्छुक होंगे तो मेरिट के आधार पर प्राथमिकता तय की जाएगी। वहीं, लंबे समय से सेवा दे रहे शिक्षकों को भी तबादले में विशेष लाभ मिलने की संभावना है।
सरकार की योजना है कि कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद जुलाई महीने के भीतर शिक्षकों के स्थानांतरण की प्रक्रिया पूरी कर ली जाए। विभाग का मानना है कि शैक्षणिक सत्र के दौरान अनिश्चितता की स्थिति समाप्त होने से विद्यालयों में पढ़ाई प्रभावित नहीं होगी।










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