बिहार के विश्वविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्ति प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया गया है। अब नियमित सहायक प्राध्यापकों की नियुक्ति केवल शैक्षणिक रिकॉर्ड के आधार पर नहीं, बल्कि लिखित परीक्षा और साक्षात्कार के माध्यम से होगी। इसके लिए नए नियमों का मसौदा तैयार किया गया है।
नए नियम के अनुसार असिस्टेंट प्रोफेसर की नियमित नियुक्ति के लिए कुल 200 अंकों की चयन प्रक्रिया होगी। इसमें लिखित परीक्षा के लिए 175 अंक निर्धारित किए गए हैं, जबकि साक्षात्कार के लिए 25 अंक रखे गए हैं। चयन प्रक्रिया में अभ्यर्थियों के प्रदर्शन के आधार पर मेरिट सूची तैयार की जाएगी।
असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती की लिखित परीक्षा का पैटर्न भी तय किया गया है। परीक्षा में कुल चार प्रकार के प्रश्न पूछे जाएंगे।
अति लघु उत्तरीय प्रश्नों के लिए 20 अंक निर्धारित होंगे। इसके अलावा 15 लघु उत्तरीय प्रश्न होंगे, जिनके लिए 30 अंक मिलेंगे। वहीं रीजनिंग और एनालिटिकल क्षमता से जुड़े 15 प्रश्न पूछे जाएंगे, जिनके लिए 45 अंक तय किए गए हैं।
सबसे अधिक अंक दीर्घ उत्तरीय प्रश्नों के लिए होंगे। इसमें 10 प्रश्न पूछे जाएंगे और कुल 80 अंक निर्धारित किए गए हैं। इन प्रश्नों के उत्तर अभ्यर्थियों को 200 से 250 शब्दों में देने होंगे।
नई व्यवस्था में साक्षात्कार को भी महत्वपूर्ण बनाया गया है। इंटरव्यू के दौरान अभ्यर्थियों की शिक्षण क्षमता यानी टीचिंग स्किल का मूल्यांकन किया जाएगा। इसके लिए 13 अंक निर्धारित किए गए हैं।
टीचिंग स्किल प्रदर्शन की वीडियो रिकॉर्डिंग भी अनिवार्य होगी। इसके अलावा इंटरव्यू बोर्ड के साथ बातचीत और अन्य प्रदर्शन के आधार पर अधिकतम 12 अंक दिए जाएंगे।










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