Press "Enter" to skip to content

बिहार में घंटों का सफर मिनटों में तय करेंगे लोग, 515 करोड़ की लागत से गांव-गांव पहुंचेगा विकास का कारवां

पटना : बिहार की सियासत में एक बार फिर सड़क विकास को विकास का पैमाना बनाकर सरकार ने बड़ा दांव चला है। ग्रामीण इलाकों में निर्बाध यातायात और आसान आवाजाही को लेकर बिहार सरकार ने सुलभ संपर्कता योजना के ज़रिये गांव, पंचायत, प्रखंड और जिला मुख्यालयों को पक्की, बारहमासी सड़कों से जोड़ने का अभियान तेज कर दिया है। मकसद साफ है गांव की आवाम को अस्पताल, स्कूल, बाजार, बैंक और पर्यटन स्थलों तक पहुंचने में अब रास्तों की दुश्वारी न झेलनी पड़े।

सरकार का दावा है कि यह योजना सिर्फ सड़क बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण अर्थव्यवस्था, स्वास्थ्य, शिक्षा और रोज़गार को नई रफ्तार देने का सियासी रोडमैप है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के तहत कुल 72 योजनाओं का चयन किया गया है, जिनमें से 65 योजनाओं को प्रशासनिक मंजूरी मिल चुकी है। इन योजनाओं के ज़रिये ग्रामीण सड़कों को राष्ट्रीय उच्च पथ, राज्य उच्च पथ और वृहद जिला पथ से जोड़ा जाएगा, ताकि वैकल्पिक मार्गों के सहारे संपर्कता मजबूत हो सके।

ग्रामीण कार्य विभाग के मुताबिक, इस पूरी कवायद पर 515 करोड़ रुपये से अधिक की राशि खर्च की जा रही है। इनमें से 13 योजनाओं पर निर्माण कार्य शुरू भी हो चुका है। सुलभ संपर्कता योजना के तहत राज्य के 24 जिलों में कुल 254.40 किलोमीटर सड़कों का निर्माण किया जाएगा। यह आंकड़ा सरकार के उस दावे को मज़बूती देता है, जिसमें विकास को ज़मीन पर उतारने की बात कही जा रही है।

राजधानी पटना इस योजना का बड़ा केंद्र बनकर उभरी है, जहां सबसे अधिक 20 योजनाएं स्वीकृत की गई हैं। पटना जिले में 25.115 किलोमीटर सड़कों का निर्माण होगा। इसके अलावा लखीसराय में 14 योजनाएं, नालंदा में 7, जहानाबाद में 6 और समस्तीपुर में 5 योजनाओं को मंजूरी मिली है। पश्चिमी चंपारण और बांका में तीन-तीन, भोजपुर, गया, कटिहार और गोपालगंज में दो-दो योजनाएं स्वीकृत की गई हैं। वहीं सारण, सासाराम, औरंगाबाद, अरवल, शेखपुरा, बेगूसराय और पूर्वी चंपारण में एक-एक योजना को हरी झंडी मिली है।

सियासी जानकार इसे सरकार की ग्रामीण संतुलन नीति बता रहे हैं, जहां सड़क के बहाने विकास और विश्वास दोनों को साधने की कोशिश है। सवाल यही है कि क्या यह योजना सिर्फ कागज़ों की राजनीति बनकर रह जाएगी, या वाकई गांव की गलियों तक विकास की गाड़ी पहुंचाएगी? फिलहाल सरकार का संदेश साफ है अब विकास की राह गांव से होकर गुजरेगी।

Share This Article
More from BIHARMore posts in BIHAR »
More from MUZAFFARPURMore posts in MUZAFFARPUR »
More from PATNAMore posts in PATNA »
More from STATEMore posts in STATE »

Be First to Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *