पटना: भारतीय जनता पार्टी में एक ऐतिहासिक क्षण आज देखने को मिल रहा है, जब बिहार के युवा नेता नितिन नबीन पार्टी के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष का पदभार संभालेंगे. 45 वर्षीय नितिन नबीन निर्विरोध रूप से इस पद पर पहुंचे हैं, क्योंकि उनके खिलाफ कोई अन्य उम्मीदवार नहीं था. भाजपा की स्थापना 1980 में हुई थी और उसी वर्ष उनका जन्म हुआ, जिसके कारण उन्हें ’45 साल पुरानी पार्टी का 45 साल का अध्यक्ष’ कहा जा रहा है.

37 नामांकन पत्र प्राप्त हुए
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए निर्वाचन प्रक्रिया 16 जनवरी 2026 को अधिसूचित हुई थी. 36 प्रदेशों में से 30 के अध्यक्षों के निर्वाचन के बाद यह प्रक्रिया शुरू हुई. नितिन नबीन के पक्ष में कुल 37 नामांकन पत्र प्राप्त हुए, जिनमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और अन्य वरिष्ठ नेताओं के प्रस्ताव शामिल थे.

नितिन नबीन का निर्विरोध चुनाव और प्रक्रिया
नामांकन प्रक्रिया पूरी होने पर कोई अन्य नाम प्रस्तावित नहीं हुआ, जिसके कारण उन्हें निर्विरोध घोषित कर दिया गया. आज सुबह 11:30 बजे पार्टी मुख्यालय में शपथ ग्रहण समारोह होगा, जिसमें पीएम मोदी सहित शीर्ष नेता मौजूद रहेंगे.

बिहार में जश्न का माहौल
बिहार के सपूत नितिन नबीन के इस ऐतिहासिक पद पर पहुंचने पर पूरे राज्य में उत्साह का माहौल है. राजधानी पटना में उनके समर्थक और भाजपा कार्यकर्ता जश्न मनाने की तैयारियां कर रहे हैं. पटना के तीन प्रमुख स्थानों मौर्य लोक, न्यू मार्केट और तीन टेलर रोड पर बड़े डिजिटल बोर्ड लगाए गए हैं, जहां दिल्ली से होने वाले शपथ ग्रहण कार्यक्रम का लाइव प्रसारण दिखाया जाएगा. समर्थकों का जमावड़ा इन स्थानों पर लगने की संभावना है, और कार्यकर्ता इस मौके को बड़े उत्साह से मना रहे हैं.

भाजपा प्रवक्ता की प्रतिक्रिया
भाजपा प्रवक्ता प्रेम रंजन पटेल ने कहा कि नितिन नबीन का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनना बिहार के लिए गर्व का विषय है. उन्होंने कहा, “यह हमारे लिए बेहद खुशी की बात है कि बिहार से एक युवा पार्टी की कमान संभाल रहे हैं.”

नितिन नबीन का राजनीतिक सफर
नितिन नबीन बिहार से पांच बार के विधायक रह चुके हैं और राज्य सरकार में मंत्री के रूप में भी कार्य कर चुके हैं. वे भाजपा के युवा मोर्चा से निकले हैं और संगठनात्मक स्तर पर मजबूत पकड़ रखते हैं. दिसंबर 2025 में उन्हें राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया था, जो इस पद की ओर उनका पहला कदम था. उनका चुनाव पार्टी में सर्वसम्मति और पीढ़ीगत बदलाव को दर्शाता है, खासकर आगामी विधानसभा चुनावों और 2029 के लोकसभा चुनावों के मद्देनजर.
















Be First to Comment