बिहार चुनाव में मिली बड़ी जीत के बाद पहली बार जदयू कार्यालय में बड़ी बैठक हुई। सीएम नीतीश ने बड़ी बैठक के साथ बड़ा ऐलान भी किया। साथ ही उन्होंने सदस्यता अभियान की भी शुरुआत की। इस दौरान सीएम नीतीश के हाथों सदस्यता ग्रहण करने के लिए होड़ मच गई। सबसे पहले सीएम नीतीश ने सदस्यता ग्रहण की। जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने उन्हें सदस्यता दिलाई। जिसके बाद सीएम नीतीश ने संजय झा को सदस्यता दिलाई।

सीएम नीतीश ने ग्रहण की सदस्यता
जिसके बाद मंच पर गजब का नजारा दिखा। सीएम नीतीश के हाथों सदस्ता लेने के लिए होड़ मच गई। सभी नेता चाहते थे कि उन्हें सीएम के हाथों ही सदस्यता ग्रहण करने को मिले। बता दें कि सभी पार्टियों के सदस्य बने रहने का एक नियम होता है। सदस्यता ग्रहण करने के बाद उसका कार्यकाल एक साल या दो साल का होता है। जिसके बाद नेता को फिर से सदस्यता ग्रहण करनी होती है। ऐसे में जदयू ने आज से सदस्यता अभियान शुरु किया है।

सीएम के हाथों सदस्यता ग्रहण करने की लगी होड़
सबसे पहले सीएम नीतीश ने सदस्यता ग्रहण की फिर संजय झा ने सदस्यता ग्रहण की। जिसके बाद वरिष्ठ नारायण सिंह ने सदस्यता ग्रहण की। जिसके बाद प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा को सीएम नीतीश ने सदस्यता ग्रहण की। इस दौरान सीएम नीतीश जिंदाबाद के नारे लगते रहे। वहीं संजय झा ने सीएम नीतीश को पार्टी की ओर से वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, लंदन में सीएम नीतीश का नाम दर्ज होने पर बधाई भी दी।

वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज हुआ नाम
दरअसल, बीते दिन वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स ने पत्र के माध्यम से कहा है कि लगातार दस बार राज्य का नेतृत्व करना लोकतांत्रिक इतिहास में एक दुर्लभ उपलब्धि है। यह न केवल एक उल्लेखनीय व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि पूरे राष्ट्र के लिए गौरव का क्षण भी है। शासन, विकास, सामाजिक कल्याण और प्रशासनिक स्थिरता के प्रति आपका यह निरंतर प्रयास लाखों लोगों को प्रेरित करता रहेगा।

सीएम नीतीश का रिकॉर्ड
वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स ने संसूचित किया है कि इस अनुकरणीय और ऐतिहासिक उपलब्धि के सम्मान में औपचारिक रूप से नीतीश कुमार, मुख्यमंत्री बिहार का नाम अपनी प्रतिष्ठित वैश्विक सूची में शामिल कर आपको आधिकारिक प्रमाण पत्र समर्पित करने पर खुद को गौरवान्वित महसूस करेगा। सीएम नीतीश रिकॉर्ड 10वीं बार बिहार के सीएम बने हैं।










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