पटना: बिहार में एनडीए की प्रचंड जीत के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज 11 बजे मुख्य सचिवालय स्थित कैबिनेट हॉल में मंत्रिमंडल की पहली बैठक करने जा रहे हैं. 20 नवंबर को शपथ लेने के पांच दिन बाद हो रही इस बैठक में विधानसभा के विशेष सत्र बुलाने से लेकर चुनावी 25 संकल्पों पर बड़े फैसले होने की संभावना है.
विशेष सत्र और शपथ ग्रहण सबसे ऊपर एजेंडे में
बैठक का सबसे महत्वपूर्ण एजेंडा विधानसभा का विशेष सत्र आहूत करना होगा. इस सत्र में नवनिर्वाचित विधायकों को शपथ दिलाई जाएगी. इसके लिए राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने सोमवार को जदयू के वरिष्ठ विधायक नरेंद्र नारायण यादव को प्रोटेम स्पीकर नियुक्त कर शपथ दिला दी है. आलमनगर से आठवीं बार जीते नारायण यादव पहले उपाध्यक्ष भी रह चुके हैं.
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अध्यक्ष चुनाव के बाद नेता सदन और नेता प्रतिपक्ष की घोषणा
प्रोटेम स्पीकर नरेंद्र नारायण यादव नवनिर्वाचित विधायकों को शपथ दिलाने के बाद विधानसभा अध्यक्ष का चुनाव करवाएंगे. अध्यक्ष चुने जाने के बाद सदन के नेता (मुख्यमंत्री) और नेता प्रतिपक्ष की औपचारिक घोषणा होगी. सूत्रों के मुताबिक अध्यक्ष पद के लिए जदयू और भाजपा के बीच सहमति बन चुकी है.
25 संकल्पों पर फैसला तय करेगा सरकार की दिशा
चुनाव से पहले एनडीए ने जनता के सामने 25 संकल्प रखे थे. इनमें नौकरी-रोजगार, औद्योगीकरण, महिलाओं और युवाओं के लिए विशेष योजनाएं शामिल हैं. पहली कैबिनेट में ही इन संकल्पों को लागू करने की रूपरेखा पर मुहर लग सकती है. नीतीश कुमार पहले भी शपथ के तुरंत बाद बड़े फैसले लेते रहे हैं, इसलिए सभी की नजर इस बैठक पर टिकी है.

27 मंत्रियों वाला मंत्रिमंडल, अभी 9 पद खाली
नीतीश मंत्रिमंडल में अभी मुख्यमंत्री समेत 27 मंत्री हैं. जदयू कोटे से 9 (मुख्यमंत्री सहित), भाजपा से 14, लोजपा (रा) से 2, हम और रालोमो से 1-1 मंत्री बनाए गए हैं. उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा हैं. 243 सदस्यीय विधानसभा में अधिकतम 36 मंत्री बन सकते हैं, इसलिए अभी 9 पद खाली हैं जिन्हें जल्द भरा जा सकता है.
विभाग बंटवारे में देरी से 5 दिन बाद बैठक
पहले नीतीश कुमार शपथ के तुरंत बाद कैबिनेट बैठक करते रहे हैं, लेकिन इस बार भाजपा-जदयू के बीच विभाग बंटवारे को लेकर सहमति बनाने में समय लगा. यही कारण है कि पांच दिन बाद पहली कैबिनेट बैठक हो रही है.

एनडीए की सबसे बड़ी जीत
इस चुनाव में एनडीए ने 243 में से 202 सीटें जीतकर अब तक की सबसे बड़ी जीत दर्ज की है. भाजपा 89 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनी, जदयू 85 सीटों के साथ दूसरे स्थान पर है. वहीं महागठबंधन सिर्फ 35 सीटों पर सिमट गया. राजद 25 सीटों के साथ तीसरे नंबर पर खिसक गई, जो 2020 में सबसे बड़ी पार्टी थी.












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