भीलवाड़ा में कोरोना संकट काफी गंभीर रहा है। कई लोग कोरोना से जंग में जुटे हैं। ऐसे में वहां सेवाएं दे रहे उदयपुर के एक डॉक्टर की बेटी ने भास्कर के जरिए अपने पिता से सवाल पूछा कि वे घर कब आएंगे, तो पिता ने भी जिम्मेदारी का अहसास कराते हुए जवाब दिया-
एक्सपर्ट से सवाल पूछने के लिए दैनिक भास्कर की ओर से दिए गए माेबाइल नंबर पर डाॅ. हेमंत माहुर की बेटी जिज्ञासा माहुर ने उदयपुर से आम पाठकाें की तरह अपने पापा के लिए एक प्रश्न भेजा। जिज्ञासा ने लिखा कि कई दिनाें से पापा भीलवाड़ा में हैं। वहां काेराेना का ज्यादा खतरा है। हमें डर लग रहा है। पापा की याद भी आ रही है। वे भीलवाड़ा के काम में इतने व्यस्त रहते हैं कि उनसे कई बार माेबाइल पर भी बात नहीं हाे पाती है। उन्हें जब घर आने के बारे में पूछते हैं ताे वे सही भी नहीं बताते हैं। इसलिए आप अपने टाॅक शाे में उनसे यह सवाल पूछना कि वे घर कब आएंगे, क्योंकि वहां खतरा ज्यादा है और हमें बहुत डर भी लग रहा है।
मैं भी आपको बहुत मिस कर रहा हूं, लेकिन क्या करूं, इस चुनाैती से भी ताे मुझे ही लड़ना है…
उदयपुर की रैपिड रिस्पॉन्स टीम के लीडर डॉ. माहुर ने कहा, ‘जिज्ञासा के पापा डाॅ. हेमंत माहुर ने भास्कर के टाॅक शाे में बेटी के सवाल का जवाब दिया। उन्हाेंने कहा कि बेटी, मैं भी आप सभी काे बहुत मिस कर रहा हूं, लेकिन क्या कर सकता हूं। इस समय काेराेनावायरस के कारण देश पर जाे संकट आया है उसमें हमारी समाज के प्रति जिम्मेदारी और बढ़ गई है। इस चुनाैती से भी ताे मुझे लड़ना है। इसलिए अभी कह नहीं सकता कि घर कब आऊंगा, लेकिन यह जरूर कहना चाहता हूं कि मैं और मेरी टीम काेराेना काे हराकर जल्दी ही घर आएंगे और आपसे मिलूंगा।‘
Source: Bhaskar
Be First to Comment