भारतीय रेलवे और आईआरसीटीसी (IRCTC) ने ट्रेन यात्रियों के लिए एक महत्वपूर्ण सलाह जारी की है। हाल के महीनों में ट्रेनों में मिलने वाले खाने की गुणवत्ता, स्वच्छता और ऑनलाइन ऑर्डरिंग से जुड़ी शिकायतों में बढ़ोतरी के बाद रेलवे ने अनधिकृत ई-कैटरिंग प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ सख्त कदम उठाना शुरू कर दिया है। रेलवे का कहना है कि यात्री केवल अधिकृत माध्यमों से ही भोजन बुक करें, अन्यथा उन्हें खराब गुणवत्ता वाले भोजन, भुगतान संबंधी समस्याओं और डेटा सुरक्षा के जोखिम का सामना करना पड़ सकता है।
दरअसल, भारतीय रेलवे की ई-कैटरिंग सेवा लगातार लोकप्रिय हो रही है। यात्री अब यात्रा के दौरान अपनी पसंद का भोजन ऑनलाइन ऑर्डर कर सीधे सीट तक मंगवा सकते हैं। इसी बढ़ती मांग को देखते हुए कई निजी कंपनियां भी इस क्षेत्र में उतर आई हैं। हालांकि रेलवे का दावा है कि इनमें से कई प्लेटफॉर्म बिना किसी आधिकारिक अनुमति के सेवाएं दे रहे हैं और रेलवे के निर्धारित नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं।

आईआरसीटीसी के अनुसार, जांच के दौरान कई ऐसे प्लेटफॉर्म सामने आए जो रेलवे की मंजूरी के बिना यात्रियों को भोजन उपलब्ध करा रहे थे। इन प्लेटफॉर्म्स के संचालन से यात्रियों को कई तरह की परेशानियां हो सकती हैं। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि ऐसे प्लेटफॉर्म्स पर भोजन की गुणवत्ता की निगरानी नहीं होती, जिससे स्वास्थ्य संबंधी जोखिम बढ़ जाते हैं। इसके अलावा ऑनलाइन भुगतान में गड़बड़ी, ऑर्डर कैंसिलेशन और ग्राहक सहायता की कमी जैसी शिकायतें भी सामने आई हैं।
इसी को देखते हुए आईआरसीटीसी ने फरवरी 2026 से कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। सबसे पहले 18 फरवरी को संबंधित कंपनियों को कानूनी नोटिस भेजे गए। इसके बाद 16 मार्च और 11 अप्रैल 2026 को कई अनधिकृत ऑपरेटरों के खिलाफ आपराधिक शिकायतें भी दर्ज कराई गईं। रेलवे का कहना है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।











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