पटना : भारतीय जनता पार्टी ने आज राष्ट्रीय अध्यक्ष के लिए नामांकन दाखिले के बाद निर्विरोध रूप से नितिन नबीन को पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुन लिया है. ऐसा पहली बार है जब कोई बिहारी बीजेपी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बना हो. नितिन नबीन के प्रस्तावकों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह समेत बिहार के 20 दिग्गज नेता भी रहे हैं. बिहार से कोई पहला बिहारी नेता है जिसको बीजेपी के पूर्णकालिक राष्ट्रीय अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है.

कैसी होती है चुनाव की प्रक्रिया
पहले उम्मीदवार को नामांकन का पर्चा दाखिल कराया जाता है फिर नामांकन पत्रों की जांच की जाती है, फिर चुनाव प्रभारी अध्यक्ष पद के नाम की घोषणा करते हैं. बाद में राष्ट्रीय परिषद की बैठक में फैसले पर मुहर लगती है. अगर एक से अधिक उम्मीदवार हैं तो मतदान कराया जाता है. फिर जीतने वाले के नाम की घोषणा होती है.

बिहार के कई दिग्गज नेता बने थे प्रस्तावक
बिहार से दो सेट में सदस्यों को प्रस्तावक बनाया गया था. 10-10 नेताओं को प्रस्तावकों में दो सेट बनाए गए. कुल मिलाकर बिहार में 20 नेता प्रस्तावक की सूची में शामिल थी. नितिन नवीन के लिए प्रस्ताव देने वालों में सम्राट चौधरी, विजय सिंन्हा, प्रेम कुमार, गिरिराज सिंह, नित्यानंद राय, मंगल पांडे, संजय जयसवाल, दिलीप जायसवाल, रेणु देवी, सतीश चंद्र दुबे, राज भूषण निषाद, रवि शंकर प्रसाद, प्रदीप सिंह, गोपाल जी ठाकुर, धर्मशिला गुप्ता, जनक राम, कृष्ण कुमार मंटू, लखींद्र पासवान और श्रेयसी सिंह का नाम शामिल था.

निर्वाचक मंडल में 5700 से अधिक होते हैं वोटर
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव में राष्ट्रीय परिषद के सभी सदस्य भाग लेते हैं. निर्वाचन मंडल मैं सदस्यों के संख्या 5700 के आसपास होती है. अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए बनाए गए पूरे निर्वाचक मंडल में लगभग 5700 मतदाता हैं. मतदाता मंडल में दो तरह के सदस्य शामिल होते हैं.

निर्वाचक मंडल में राष्ट्रीय परिषद के सदस्य और राज्य परिषद के सदस्य शामिल होते हैं. राष्ट्रीय परिषद में लगभग 775 से 800 के करीब सदस्य होते हैं. राज्य परिषद में सदस्यों की संख्या घटती या बढ़ती रहती है. राष्ट्रीय परिषद के सदस्यों का चयन की भी प्रक्रिया है.












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